
Palamu : सतबरवा प्रखंड के धान क्रय केंद्र में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि धावाडीह गांव के सूबेदार साव के परिवार के 11 सदस्यों के नाम पर कुल 1420 क्विंटल धान बेचने के लिए पंजीकरण किया गया था। बताया जाता है कि परिवार के तीन बेटों, उनकी पत्नियों, बेटियों और स्वयं सूबेदार साव के नाम पर 1420 क्विंटल धान बेचने के लिए नाम दर्ज कराया गया था।
इसमें बड़े बेटे ललन साव के नाम 198 क्विंटल पंजीकरण हुआ, जिसमें से 190 क्विंटल धान 19 दिसंबर 2025 को बेचा गया था। उसकी पत्नी चंपा देवी (पैक्स अध्यक्ष) के नाम पर 96 क्विंटल और बेटी सोनम कुमारी के नाम पर 104 क्विंटल, दूसरे बेटे अरुण कुमार साहू के नाम 195 क्विंटल पंजीकरण था। इसमें 190 क्विंटल 17 दिसंबर 2025 को धान बेचा गया था। उसकी पत्नी रामवंती देवी के नाम पर 100 क्विंटल, जबकि बेटियों प्रिया रानी 109 और आशा कुमारी के नाम पर 104 क्विंटल धान पंजीकृत है।
तीसरे बेटे विजय साव के नाम 196 क्विंटल पंजीकरण हुआ, जिसमें 190 क्विंटल धान 17 दिसंबर 2025 को बेचा गया था। उसकी पत्नी रीता देवी के नाम 110 क्विंटल पंजीकृत है। इसके अलावा, सूबेदार साव के नाम 108 क्विंटल और उसकी पत्नी के नाम 100 क्विंटल धान का पंजीकरण दर्ज है। इस तरह पूरे परिवार के नाम पर कुल 1420 क्विंटल धान का पंजीकरण हुआ।
नियमों के अनुसार, 1420 क्विंटल धान के पंजीकरण के लिए परिवार के पास लगभग 88 एकड़ भूमि का कागजात होना चाहिए। धावाडीह पैक्स में 261 किसानों ने कुल 23,369 क्विंटल धान का पंजीकरण कराया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4,796 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। धान खरीद की धीमी गति से किसानों में रोष भी है।
सामान्यतः एक एकड़ भूमि पर किसान अधिकतम 15–16 क्विंटल धान का ही पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण के लिए वंशावली, जमीन की रसीद, आधार कार्ड, खाता विवरण सहित अन्य दस्तावेज अनिवार्य हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया अंचल कार्यालय की जिम्मेदारी है और इस मामले की विस्तृत जानकारी उन्हें नहीं है।
-अरविंद कुमार, प्रभारी एमओ, सतबरवा
मामले की गहन जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यदि कोई गलत हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-प्रीति किस्कू, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पलामू

