
रांची : झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्तियों को लेकर घमासान शुरू हो गया है। दुमका में भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय का घेराव किया। पार्टी की मांग है कि परीक्षाओं की गड़बड़ी की सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही युवाओं पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत यज्ञ मैदान से हुई। कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य में नौकरियों के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पिछले पांच-छह सालों की सभी नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दलालों का नेटवर्क हावी है। परीक्षाओं में धांधली कर नौकरी बेची जा रही है। एक मामले में तो परीक्षा से पहले उत्तर रटवाने की बात सामने आई है।
जांच के नाम पर केवल दिखावा कर रही सरकार
बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार जांच के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। कई मामलों में अब तक आरोप पत्र भी दाखिल नहीं हुआ है। प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठियां चलाई गईं। निर्दोष युवाओं पर पुलिस केस दर्ज कर दिए गए। मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार सीबीआई जांच नहीं कराती तो आंदोलन और तेज होगा। भाजपा युवाओं के साथ खड़ी है। जरूरत पड़ने पर पूरे राज्य में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। युवाओं पर दर्ज केस बिना शर्त वापस लेने होंगे।
नौकरियों की बिक्री का आरोप
पूर्व सांसद और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोरेन ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गिट्टी और बालू के बाद अब नौकरियां बेची जा रही हैं। युवाओं का हक मारा जा रहा है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद ने भी केस दर्ज करने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। बेकसूर छात्रों को पुलिस प्रताड़ित कर रही है। दर्ज एफआईआर तुरंत रद्द होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने साफ किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी।

