चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बार फिर ग्रामीण मुंडा को लेकर विवाद सामने आया है। सदर प्रखंड के मौजा खप्परसाई के ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम मुंडा मंगल सिंह देवगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम मुंडा मंगल सिंह देवगम अपने दायित्वों और कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उन पर गांव में अशांति फैलाने और रैयतों को परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुंडा के रवैये से गांव का सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपा था लिखित आवेदन, मुंडा पर लगाए संगीन आरोप
स्थानीय ग्रामीण डोबरो देवगम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपा था। आवेदन में मुंडा पर संगीन आरोप लगाए गए थे। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार को सौंप दिया है।
मुंडा मंगल सिंह देवगम को तत्काल पद से बर्खास्त किए जाने की मांग
सोमवार को सैकड़ों की संख्या में खप्परसाई के ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे और अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार से मुलाकात की। ग्रामीणों ने मांग की कि मुंडा मंगल सिंह देवगम को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्राम मुंडा ने आरोपों को बताया गलत और निराधार
वहीं ग्राम मुंडा मंगल देवगम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया है। उनका कहना है कि कुछ लोग निजी रंजिश के चलते उन्हें बदनाम कर रहे हैं। अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर जांच पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है।
ग्रामीणों द्वारा मुंडा पर लगाए गए आरोप
- जाति, आवासीय, आय आदि प्रमाणपत्रों हेतु आवश्यक कागजातों पर हस्ताक्षर करने से मना करना।
- ग्राम सभा की निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहना एवं अपने पुत्र द्वारा सभा संचालित करवाना।
- सरकार द्वारा निर्धारित लगान की रसीद नहीं काटना एवं बहाने बनाना।
- गांव में घटित घटनाओं पर संज्ञान नहीं लेना एवं बैठक में उपस्थित न होना।
- कार्य करने में अक्षमता तथा मनमानी रवैया अपनाना।
- गांव की परती भूमि का निजी उपयोग करना एवं भूमिहीन परिवारों की उपेक्षा करना।
- गांव की विधि-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने में कोई भूमिका न निमाना।
- बुढ़ान सिंह देवगम, पिता- जीवन देवगम की जमीन लगान रसीद काटने के एवज में 300000 (तीन लाख) रुपया का मांग किया जा रहा है।
- परती जमीन पर कब्ज़ा

