
फीचर डेस्क : सितंबर 2026 धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण महीना रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस अवधि में भाद्रपद मास से जुड़े अनेक व्रत, पर्व और धार्मिक अनुष्ठान पड़ेंगे। महीने की शुरुआत नागपंचमी, हल षष्ठी और जन्माष्टमी जैसे पर्वों से होगी, जबकि मध्य सितंबर में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। महीने के अंतिम सप्ताह में अनंत चतुर्दशी के बाद पितृ पक्ष की शुरुआत होगी।
सितंबर में व्रत और त्योहारों के साथ श्राद्ध कर्म का भी विशेष महत्व रहेगा। 27 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा और इसके साथ पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध एवं तर्पण का क्रम प्रारंभ हो जाएगा। धार्मिक तिथियों को ध्यान में रखते हुए सितंबर 2026 का पूरा व्रत-त्योहार कैलेंडर इस प्रकार है।
सितंबर 2026 व्रत और त्योहार की प्रमुख तिथियां
1 सितंबर : नागपंचमी (गुजरात)
2 सितंबर : हल षष्ठी, रांधण छठ
3 सितंबर : शीतला सातम, मासिक कार्तिगाई
4 सितंबर : कृष्ण जन्माष्टमी, आद्याकाली जयंती, विंध्यवासिनी जयंती, अष्टमी रोहिणी, अगस्त्य अर्घ्य, रोहिणी व्रत, कालाष्टमी और इंद्र सावर्णि मन्वादि
5 सितंबर : दही हंडी, श्री गोगा नवमी और शिक्षक दिवस
7 सितंबर : बछ बारस द्वादशी और अजा एकादशी
8 सितंबर : कृष्ण दामोदर द्वादशी, पर्युषण पर्वारंभ और भौम प्रदोष व्रत
9 सितंबर : मासिक शिवरात्रि
10 सितंबर : पिठोरी अमावस्या, दर्श अमावस्या, अन्वाधान और देव सावर्णि मन्वादि
11 सितंबर : पोला, वृषभोत्सव, इष्टि और भाद्रपद अमावस्या
12 सितंबर : सामवेद उपाकर्म
सितंबर 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी
सितंबर के मध्य में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व पड़ेंगे। 13 सितंबर को वराह जयंती, चंद्र दर्शन और रूद्र सावर्णि मन्वादि रहेगा। इसके अगले दिन यानी 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इसी दिन गौरी हब्बा, मलयालम विनायक चतुर्थी, हिंदी दिवस और सिद्धिविनायक चतुर्थी भी रहेगी।
15 सितंबर को ऋषि पंचमी, विश्वेश्वरैया जयंती, संवत्सरी पर्व और अभियंता दिवस रहेगा। इसके बाद 16 सितंबर को बलराम जयंती और स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।
17 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी आवाहन, विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति होगी। 18 सितंबर को ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठ गौरी पूजा का पर्व रहेगा।
राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत
19 सितंबर धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन रहेगा। इस दिन राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत आरंभ, ज्येष्ठ गौरी विसर्जन, दधीचि जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।
इसके बाद 21 सितंबर को दशावतार व्रत और 22 सितंबर को कल्कि द्वादशी तथा परिवर्तिनी एकादशी रहेगी। 23 सितंबर को वामन जयंती और भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाएगी। 24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत रहेगा।
गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को
गणेश उत्सव के समापन से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन 25 सितंबर को रहेगा। इस दिन गणेश विसर्जन के साथ अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इसके अगले दिन 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध और भाद्रपद पूर्णिमा व्रत रहेगा।
धार्मिक कैलेंडर में यह अवधि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके तुरंत बाद पितृ पक्ष का आरंभ होगा।
27 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष
27 सितंबर 2026 से पितृ पक्ष शुरू होगा। इसी दिन प्रतिपदा श्राद्ध भी किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः श्राद्ध की तिथियां आगे बढ़ेंगी। 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध और 29 सितंबर को तृतीया श्राद्ध रहेगा। इसी दिन विघ्नराज संकष्टी भी मनाई जाएगी।
30 सितंबर को चतुर्थी श्राद्ध और पंचमी श्राद्ध रहेगा। इसी दिन मासिक कार्तिगाई भी है। इस तरह सितंबर का अंतिम सप्ताह श्राद्ध और पितरों से जुड़े धार्मिक कर्मों के लिहाज से विशेष रहेगा।
सितंबर 2026 का पूरा व्रत-त्योहार कैलेंडर
तारीख व्रत और त्योहार
| तारीख | व्रत और त्योहार |
|---|---|
| 8 सितंबर | कृष्ण दामोदर द्वादशी, पर्युषण पर्वारंभ, भौम प्रदोष |
| 9 सितंबर | मासिक शिवरात्रि |
| 10 सितंबर | पिठोरी अमावस्या, दर्श अमावस्या |
| 11 सितंबर | पोला, वृषभोत्सव, भाद्रपद अमावस्या |
| 12 सितंबर | सामवेद उपाकर्म |
| 13 सितंबर | वराह जयंती, चंद्र दर्शन |
| 14 सितंबर | हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी |
| 15 सितंबर | ऋषि पंचमी, संवत्सरी पर्व |
| 16 सितंबर | बलराम जयंती, स्कंद षष्ठी |
| 17 सितंबर | विश्वकर्मा पूजा, ज्येष्ठ गौरी आवाहन |
| 18 सितंबर | ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी, ज्येष्ठ गौरी पूजा |
| 19 सितंबर | राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत आरंभ |
| 21 सितंबर | दशावतार व्रत |
| 22 सितंबर | कल्कि द्वादशी, परिवर्तिनी एकादशी |
| 23 सितंबर | वामन जयंती, भुवनेश्वरी जयंती |
| 24 सितंबर | गुरु प्रदोष व्रत |
| 25 सितंबर | गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी |
| 26 सितंबर | पूर्णिमा श्राद्ध, भाद्रपद पूर्णिमा व्रत |
| 27 सितंबर | पितृ पक्ष आरंभ, प्रतिपदा श्राद्ध |
| 28 सितंबर | द्वितीया श्राद्ध |
| 29 सितंबर | तृतीया श्राद्ध, विघ्नराज संकष्टी |
| 30 सितंबर | चतुर्थी श्राद्ध, पंचमी श्राद्ध, मासिक कार्तिगाई |
सितंबर 2026 में धार्मिक पर्वों का सिलसिला महीने की शुरुआत से लेकर अंत तक जारी रहेगा। जन्माष्टमी, अजा एकादशी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और अनंत चतुर्दशी के बाद पितृ पक्ष की शुरुआत होगी। इस कारण व्रत, पूजा, दान-पुण्य और श्राद्ध कर्म की दृष्टि से सितंबर का महीना विशेष महत्व रखेगा।
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