रांची : झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है और राज्य इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में है। पछुआ हवाओं के प्रभाव से ठंड का स्तर ऐसा पहुंच गया है कि इसकी तुलना कश्मीर और शिमला जैसे हिल स्टेशनों से की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। हालात को देखते हुए रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे झारखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

Jharkhand Weather Update : गुमला सबसे ठंडा जिला
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुमला जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। यह तापमान आमतौर पर हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिलता है। इसके अलावा खूंटी और लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि डाल्टनगंज में 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
Jharkhand Cold Wave Alert : कई जिलों में जनजीवन प्रभावित
सरायकेला-खरसावां, पाकुड़ और लातेहार जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ठंड का असर इतना तीव्र है कि शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक ठंड के कारण लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखी जा रही है।
IMD Yellow Alert in Jharkhand : दोपहर में भी सतर्क रहने की सलाह
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद के मुताबिक, फिलहाल झारखंड में व्यापक स्तर पर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। यह ठंड केवल सुबह और शाम तक सीमित नहीं है, बल्कि दोपहर के समय भी इसका असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि धूप में बैठते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ठंडी हवाएं शरीर के तापमान को तेजी से प्रभावित कर सकती हैं।
अगले 3-4 दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों तक झारखंड में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों से गर्म कपड़े पहनने, ठंडे वातावरण में लंबे समय तक न रहने और आवश्यक सतर्कता अपनाने की अपील कर रहा है।

