रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की अहम बैठक मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू उपस्थित थे। इस दौरान भाजपा सरकार पर संविधान और जन अधिकारों पर हमले का आरोप लगाते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यसमिति की बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे संघीय ढांचे पर हमले के खिलाफ ‘संविधान बचाओ अभियान’ को जन आंदोलन का रूप देने की रणनीति बनाई गई। इसके तहत पूरे राज्य में ‘संविधान बचाओ रैली’ आयोजित की जाएगी। जिसमें जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
कई मुद्दों पर नेताओं ने किया मंथन
बैठक में अन्य मुद्दों जैसे ओबीसी आरक्षण, सरना धर्म कोड, पेसा कानून, लैंड बैंक, नगर निकायों में आरक्षण और आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही नियुक्तियों पर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट की गई। इन मुद्दों को लेकर सरकार से संवाद स्थापित कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। इस अभियान का समन्वयक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचु को बनाया गया है, जबकि केंद्रीय नियंत्रण कक्ष का प्रभारी सूर्यकांत शुक्ला को नियुक्त किया गया है। उनके साथ किशोर शाहदेव, एम तौसीफ, सुरेन राम, नरेंद्र लाल गोपी, सुंदरी तिर्की, अख्तर अली, जितेंद्र त्रिवेदी, प्रेमनाथ मुंडा और हिमांशु सदस्य के रूप में रहेंगे।
जिलों के लिए नोडल प्रभारी नियुक्त
अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी जिलों में नोडल प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। रामगढ़ से लेकर गोड्डा तक कुल 24 जिलों के लिए अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, जो स्थानीय स्तर पर अभियान के कार्यक्रमों का संचालन करेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनभागीदारी का आह्वान है।

