रांची : झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के तहत संचालित वृक्षारोपण योजनाओं के लिए इमारती पौधों की खरीद स्थानीय स्तर पर बढ़ाने का फैसला किया है। सभी जिलों को प्रत्येक प्रखंड में नर्सरियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। विभाग का उद्देश्य है कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध हों, जिससे वृक्षारोपण योजनाओं में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सके।
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी और वृक्षारोपण कार्यक्रमों के विस्तार को देखते हुए नर्सरियों की भूमिका और बढ़ाई जा रही है।
वर्ष 2020-21 में शुरू हुई इस योजना के तहत राज्य की दीदी बगिया नर्सरी में अब तक 58 लाख से अधिक इमारती पौधे या टिम्बर प्लांट लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2023-24 में सबसे अधिक 22.07 लाख पौधरोपण हुआ था, जबकि 2024-25 में 7.27 लाख इमारती पौधे लगाए गए। इमारती पौधों की श्रेणी में सागवान, सखुआ, शीशम, महुआ,गम्हार, करंज, कुसुम, अर्जुन, कटहल जैसे पौधों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में राज्य इमारती लकड़ी के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।

