RANCHI: राज्यसभा में सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने झारखंड में पेयजल गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर मुद्दे को उठाया। उन्होंने पूरक प्रश्नों के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से समग्र प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के तहत जल गुणवत्ता की निगरानी और प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित इस प्रणाली के जरिए पेयजल की गुणवत्ता की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में जल गुणवत्ता की वर्तमान स्थिति, निगरानी तंत्र और सुधारात्मक कदमों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने यह भी पूछा कि ग्रामीण स्तर पर लागू क्षेत्रीय परीक्षण प्रणाली कितनी प्रभावी है और क्या इससे आम लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में वास्तविक लाभ मिल रहा है। उनका कहना था कि जल गुणवत्ता की सटीक और समय पर जांच जनस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यह मुद्दा केवल पेयजल तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। सांसद ने जोर देते हुए कहा कि पारदर्शी और मजबूत निगरानी प्रणाली से ही लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।

