
रांची : झारखंड में अब पुरानी सरकारी गाड़ियां सड़कों पर नहीं दिखेंगी। परिवहन विभाग ने 15 साल की सेवा पूरी कर चुके वाहनों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए हाल ही में प्रोजेक्ट भवन में एक अहम बैठक हुई। परिवहन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एमएसटीसी, जेम और आरवीएसएफ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इस योजना के तहत सबसे पहले उन वाहनों को खोजा जाएगा जो बहुत पुराने हो चुके हैं। पुलिस थानों में दुर्घटना के बाद लंबे समय से खड़े वाहनों की भी पहचान की जाएगी। इसके अलावा जिन सरकारी गाड़ियों की मरम्मत अब संभव नहीं है, उन्हें भी सूची में शामिल किया जाएगा। यह पूरी कार्रवाई केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार की जाएगी।

वाहन मालिकों और विभागों को परेशानी न हो, इसके लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। एमएसटीसी और जेम पोर्टल के माध्यम से गाड़ियों का पंजीकरण और नीलामी कराई जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। परिवहन विभाग का मानना है कि इस कदम से सिर्फ पर्यावरण को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि पुरानी गाड़ियों के कबाड़ और नीलामी से सरकार के खजाने में भी अच्छा-खासा राजस्व आएगा।
विभाग ने सभी सरकारी विभागों को अपने-अपने यहां मौजूद पुराने वाहनों की सही सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे समय पर इस काम को पूरा करें। यदि किसी को कोई तकनीकी परेशानी आती है, तो वह परिवहन विभाग से मदद ले सकता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।

