Jamshedpur : गोविंदपुर जलापूर्ति प्लांट एक बार फिर पूरी तरह ठप हो गया है। ठेका एजेंसी जेमिनी इंटरप्राइजेज को पेयजल विभाग ने करीब 3.6 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं किया है। इसके कारण एजेंसी ने जलापूर्ति बंद कर दी है। इसका सीधा असर 21 पंचायतों के करीब 1.5 लाख जल कनेक्शन और लगभग 6 लाख आबादी पर पड़ा है। क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
6 महीने से मजदूरों को नहीं मिला वेतन
योजना से जुड़े 34 कर्मियों को दिसंबर सहित पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। एजेंसी के अनुसार, इस जलापूर्ति योजना के संचालन में हर महीने करीब 15 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें से 5 लाख रुपये मजदूरों के वेतन और 10 लाख रुपये सफाई, फिटकरी, बिजली सहित अन्य जरूरी खर्चों पर होते हैं। लगातार भुगतान न होने से एजेंसी ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
‘अब बिना भुगतान संचालन संभव नहीं’
ठेकेदार का कहना है कि राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों से वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा। ऐसे में बिना संसाधन और वेतन के कर्मचारियों के साथ योजना चलाना अब संभव नहीं है।
पंचायत प्रतिनिधियों को फिर मिला आश्वासन
मंगलवार को गोविंदपुर क्षेत्र के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्रामीण डीसी से मिला। इसमें जमशेदपुर प्रखंड उपप्रमुख शिवकुमार हांसदा, पंचायत समिति सदस्य सतबीर सिंह बग्गा, किशोर कुमार सिंह, रैना पूर्ति, रुद्र मुंडा, साकरो सोरेन, संगीता पात्रो सहित अन्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने अविलंब जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने एक बार फिर केवल आश्वासन देकर लौटा दिया।
लंबित भुगतान पर उठे सवाल, ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि भुगतान लंबित रहने के कारण योजना बार-बार ठप हो रही है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही। इससे आम लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
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