रांची : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सभी बैंकों को गुरुजी क्रेडिट कार्ड से जुड़े लंबित आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा करने का निर्देश दिया है। सोमवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 94वीं त्रैमासिक बैठक में यह सामने आया कि इस योजना के तहत 5,872 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं, जबकि अब तक केवल 868 आवेदनों को स्वीकृति मिली है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, इसलिए इसमें देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 52.28 प्रतिशत से बढ़कर 53.63 प्रतिशत हुआ है, लेकिन यह अभी भी राष्ट्रीय औसत 78 प्रतिशत से काफी कम है। सरकार ने इसे चिंता का विषय बताते हुए सभी 24 जिलों में ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश दिया।
कृषि क्षेत्र में बैंकिंग प्रदर्शन पर नाराजगी
बैठक में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी बैंकों की धीमी भूमिका पर असंतोष जताया। खरीफ 2025-26 के लिए कृषि क्षेत्र में 35,822 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 11,856 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ, जो लक्ष्य का करीब 33.18 प्रतिशत है। सरकार ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य में यह प्रदर्शन ग्रामीण विकास को प्रभावित कर रहा है।
बैठक की बड़ी बातें
31 दिसंबर 2025 तक बैंकों में कुल जमा राशि 3,87,390 करोड़ रुपये रही।
कुल ऋण अग्रिम 1,89,972 करोड़ रुपये रहा। ऋण-जमा अनुपात 53.63 प्रतिशत दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय औसत ऋण-जमा अनुपात 78 प्रतिशत है।
ये निर्देश दिए गए
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों को स्वरोजगार ऋण से जोड़ने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
वित्त, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त कार्ययोजना बनाएंगे।
पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और तालाब निर्माण जैसे क्षेत्रों में बैंक ऋण बढ़ाया जाएगा

