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Jharkhand jail 4G jammer : जेल से गैंगस्टर नहीं चला सकेंगे अपराध का कारोबार, झारखंड की जेलों में लगेंगे 4G जैमर

Jharkhand Hindi News : झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य की विधि-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जेलों में 4G और 5G जैमर लगाना बेहद जरूरी

by Kanchan Kumar
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रांची : झारखंड की जेलों में बंद गैंगस्टर, बड़े अपराधी और रसूखदार कैदी अब जेल की चारदीवारी के भीतर से अपराध का नेटवर्क नहीं चला सकेंगे। राज्य सरकार जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए 4G जैमर लगाने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में शनिवार को विधानसभा में मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जानकारी दी।

विधानसभा में उठा जेलों में मोबाइल नेटवर्क का मुद्दा

विधानसभा में जरमुंडी के विधायक देवेंद्र कुमार ने जेलों में मोबाइल नेटवर्क के इस्तेमाल पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में वित्त मंत्री ने जेलों में 4G/5G नेटवर्क को रोकने के लिए आधुनिक जैमर लगाने की बात कही थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस दिशा में अब तक क्या प्रगति हुई है। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही जेलों में आधुनिक जैमर लगाने की दिशा में कदम उठा रही है, ताकि जेल के अंदर मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग को पूरी तरह रोका जा सके।

जेल से ही संचालित हो रहे कई अपराध

गौरतलब है कि राज्य में कई बड़े गैंगस्टर जेल में रहते हुए भी रंगदारी, फिरौती और हत्या जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देने में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। जेल में बंद अपराधी अपने गुर्गों के माध्यम से बाहर कारोबारियों, ठेकेदारों और आम लोगों से पैसे की वसूली कराते हैं। अक्सर जेल से ही फोन कर फिरौती की मांग की जाती है और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। कई मामलों में पुलिस छापेमारी के दौरान जेल के अंदर से मोबाइल फोन भी बरामद हो चुके हैं, जिससे यह साबित हुआ है कि कैदी आधुनिक मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुराने 2G जैमर से नहीं रुक पा रहा 5G नेटवर्क

वर्तमान में झारखंड की अधिकांश जेलों में पुराने 2G जैमर लगे हुए हैं। ये जैमर केवल सीमित नेटवर्क को ही बाधित कर पाते हैं, जबकि अब अपराधी 4G और 5G मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में पुराने जैमर इन आधुनिक नेटवर्क को ब्लॉक नहीं कर पाते, जिसके कारण कैदी मोबाइल का दुरुपयोग करने में सफल हो रहे हैं।

स्पेशल ब्रांच ने भी दी थी चेतावनी

झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने भी पहले सरकार को इस मुद्दे पर आगाह किया था। स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य की विधि-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जेलों में 4G और 5G जैमर लगाना बेहद जरूरी है।

टेंडर के बाद भी नहीं हो पाया काम

केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्रमाणित कंपनियों भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जैमर की झारखंड में टेस्टिंग भी की जा चुकी है। टेस्टिंग के बाद 4G और 5G जैमर लगाने के लिए टेंडर भी निकाला गया था।

हालांकि टेंडर मिलने के बाद भी राज्य की जेलों में अब तक नए जैमर नहीं लगाए जा सके हैं। अब सरकार ने फिर से इस दिशा में पहल तेज करने की बात कही है, जिससे जेल के भीतर से होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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