
पलामू : झारखंड पुलिस ने जेल शिफ्टिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को मार गिराया। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान वह ढेर हो गया। घटना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पथरा गांव का निवासी था। उसका पालन-पोषण मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के श्रीरामपथ इलाके में हुआ। परिवार में बड़ा भाई, एक बहन और पत्नी रिया सिन्हा हैं। रिया सिन्हा भी आपराधिक मामलों में जेल में बंद है, जबकि उसकी मां बड़े बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं।
2007 के दोहरे हत्याकांड से बना कुख्यात
सुजीत सिन्हा पहली बार वर्ष 2007 में सुर्खियों में आया, जब मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के दो नंबर टाउन स्थित कांदू मोहल्ला में टेंडर विवाद को लेकर अनिल सिंह और भूषण सिंह नामक दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में इस दोहरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुजीत सिन्हा को माना गया। वर्ष 2019 में पलामू व्यवहार न्यायालय ने इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस घटना के बाद उसने पलामू और आसपास के क्षेत्रों में रंगदारी और संगठित अपराध का नेटवर्क खड़ा किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पलामू समेत विभिन्न जिलों में हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हुए।
कई मामलों में हुआ था बरी
वर्ष 2024 में सुजीत सिन्हा 16 से अधिक मामलों में अदालत से बरी हुआ था। इसी दौरान पलामू पुलिस ने उसका संबंध कोयलांचल के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान से होने का दावा किया था। पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष से रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में भी उसका नाम सामने आया था, लेकिन उस मामले में भी वह बरी हो गया था। हाल के वर्षों में उसके खिलाफ कई नए मामले भी दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से संगठित अपराध से जुड़ा हुआ था। जेल शिफ्टिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में उसकी मौत के साथ झारखंड के एक चर्चित गैंगस्टर का आपराधिक सफर समाप्त हो गया।

