
रांची : झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार तीन प्रमुख योजनाओं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के जरिए लगातार काम कर रही है। इन योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच 4,856 सड़क, पुल और सड़क सुदृढ़ीकरण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन पर 8,718.15 करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी दी गई है।
तीन वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,989 नई ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को 5,051.08 करोड़ की स्वीकृति मिली। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 809 पुल निर्माण योजनाओं पर 2,472.33 करोड़ मंजूर किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 2,058 सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,194.74 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इन तीनों योजनाओं का उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना, जर्जर सड़कों की मरम्मत और मजबूती तथा नदियों-नालों पर पुल बनाकर आवागमन को सुगम करना है। विगत वित्तीय वर्ष में बड़े पैमाने पर पुरानी सड़कों का मरम्मत का काम किया गया ये वैसी सड़के थी जो काफी सालों पहले बनी थी लेकिन मरम्मत नहीं होने के कारण जर्जर अवस्था में थी। सरकार ने ऐसी सड़कों को चिन्हित कर प्राथमिकता से बनाने का फैसला लिया है।
कई परियोजनाओं पर काम पूरा, कई टेंडर की प्रक्रिया में
ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों ने बताया कि वर्ष 2022-23 में 1,046 योजनाएं, 2023-24 में 2,084 योजनाएं और 2024-25 में 1,727 योजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि बड़ी संख्या में योजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है और कुछ निविदा प्रक्रिया में हैं। इन योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार पर अभी भी बड़ी वित्तीय देनदारी बनी हुई है।
सीएम ने दिया है लंबित योजनाओं को पूरा करने का निर्देश
इधर, राज्य सरकार ने सभी लंबित और अधूरी योजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। हाल में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि वर्षों से लंबित सड़क और पुल निर्माण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं हो। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क और पुल नेटवर्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, किसानों को बाजार तक पहुंच आसान होगी और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी बेहतर होगी।

