| फिल्म | जिगरा |
प्रमुख स्टारकास्ट | आलिया भट्ट, वेदांग रैना, मनोज पहवा, विवेक गोंबर आदि |
| निर्देशक | वसन बाला |
| कहां देखें | थिएटर्स |
| फिल्म अवधि | 155 मिनट |
| रेटिंग्स | 4 स्टार्स |
कहानी:
फिल्म की कहानी सत्या (आलिया भट्ट) और अंकुर (वेदांग रैना) की है। दोनों भाई बहन हैं। पिता की मौत के बाद सत्या और अंकुर उनके बड़े पापा के साथ रहना शुरू कर देते हैं। बड़े पापा का लड़का कबीर (आदित्य आर नंदा) और अंकुर, हांशी दाउ (एक दूसरा देश) में बिजनेस प्रपोजल को लेकर जाते हैं। वहां पर कबीर ड्रग्स के साथ पकड़ा जाता है। लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है कि आखिर में सारा आरोप अंकुर पर आ जाता है। क्योंकि उस देश का कानून बहुत सख्त होता है ऐसे में उसे मौत की सजा होती है। अब भाई को बचाने के लिए सत्या वो सब करती है, जिससे वो अपने भाई को बचा सके। अब वो बचा पाती है या नहीं इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
एक्टिंग और निर्देशन:
फिल्म में सभी ने बहुत अच्छी एक्टिंग की है। फिल्म में आलिया भट्ट लीड रोल में हैं और एक बार फिर से उन्होंने बहुत अच्छा परफॉर्म किया है.।आलिया ने कैरेक्टर में जान डालने का काम किया है। वहीं वेदांग रैना भी रोल में जच रहे हैं. फिल्म का एक सीन है, जहां पर उन्हें कोड़े पड़ते हैं, वो सीन वाकई शानदार है। वहीं आलिया के बाद मनोज पाहवा ने भी बेहतरीन अदाकारी का नमूना दिया है। उनका कैरेक्टर और एक्टिंग दोनों ही दिल जीत लेते हैं।वहीं इसके अलावा विवेक गोंबर, जो इससे पहले वेब सीरीज लूटेरे में बेहतरीन एक्टिंग कर चुके हैं। एक बार फिर से जचे हैं. उन्होंने इतना खूबसूरत कैरेक्टर प्ले कियाहै कि आखिर तक उनसे गिला शिकवा बढ़ने लगता है। बात डायरेक्शन की करें तो बतौर डायरेक्टर वसन बाला ने बहुत अच्छा काम किया है। टेक्लीनकल तौर पर भी फिल्म बारीक है।
क्या कुछ है खास और कहां खाई मात:
फिल्म टेक्नीकल तौर पर काफी स्ट्रॉन्ग है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी बहुत कसी हुई है। वहीं बैकग्राउंड म्यूजिक भी सीन्स को दम देता है। इसके अलावा फिल्म का वीएफएक्स भी अच्छा है। वहीं फिल्म को महीन एडिट किया गया है। कोई भी सीन बेफिजूल फील नहीं देता है। जबरदस्ती मसाला के लिए कोई गाना भी नहीं है। फिल्म का कलर पैलेट भी काफी सही है। वसन बाला ने बतौर डायरेक्टर काफी मेहनत की है और पूरी तरह से सफल दिखती है।इस फिल्म में बतौर दर्शख कोई खामी नहीं दिखती है। बतौर क्रिटिक एक आध चीजें बेहतर हो सकती थीं लेकिन वो इतनी बारीक हैं कि उसे हाइलाइट करने की जरूरत नहीं. फिल्म का नाम जरूर कुछ और हो सकता था, ऐसा जिससे सब रिलेट कर पाते।
देखें या नहीं। इस फिल्म को आपको जरूर देखना चाहिए। वहीं अगर इसे आप अपने भाई-बहन के साथ देखेंगे तो मजा दोगुना हो जाएगा। इस फिल्म को देख आपकी आंखों में खुशी के आंसू भी आएंगे. हमारी तरफ से इस फिल्म को चार स्टार्स।

