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Job Vacancy : स्वास्थ्य विभाग में होने जा रही बंपर 2352 पदों पर बहाली, नियुक्ति के लिए बनेगा नया भर्ती बोर्ड

by Rakesh Pandey
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रांची  : झारखंड स्वास्थ्य विभाग (Jharkhand Health Service Recruitment Board) में बंपर बहाली होने जा रही है। इस संदर्भ में राज्य सरकार लगभग प्रारूप तैयार कर लिया है। अब जल्द ही नियुक्तियां होने वाली हैं। दरअसल, राज्य में लंबे समय से स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली न होने से हजारों रिक्त पद पड़े हैं। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ता है। इसे देखते हुए सरकार ने ‘झारखंड स्वास्थ्य सेवा भर्ती बोर्ड विधेयक-2023’ का प्रारूप लगभग तैयार कर लिया है।

अब तक राज्य कर्मचारी चयन आयोग से होती थी बहाली

अभी तक स्वास्थ्य विभाग (Jharkhand Health Service Recruitment Board) के अधीन विभिन्न पदों पर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नियुक्तियां हो रही थी। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी अपनी बहाली प्रक्रिया होगी। इसे जल्द ही कैबिनेट में भेजने की तैयारी है।

ग्रुप सी व डी के सभी पदों पर होगी बहाली

झारखंड स्वास्थ्य सेवा भर्ती बोर्ड विधेयक-2023 को कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में ग्रुप सी और डी के सभी पदों पर नियुक्तियां की जाएगी।

दो हजार से ज्यादा पदों पर होगी बहाली

स्वास्थ्य विभाग में कुल दो हजार 352 पदों पर नियुक्तियां होने वाली हैं। इसमें सबसे अधिक ए ग्रेड नर्स की 1204 पदों पर नियुक्ति होगी। इसके बाद प्रयोगशाला प्रवैधिक के 519 पद, फॉर्मासिस्ट के 439 पद, एक्सरे टेक्नीशियन के 116 पद, निरीक्षक वैक्टर बोर्न के 42 व कीट संग्रहकर्ता के 32 पद है। रिक्त पदों पर भर्ती होने पर अस्पतालों में मरीजों को इलाज जल्द मिलने की सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों-कर्मचारियों की कमी

स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की बहुत कमी है। हालांकि, इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन प्रक्रिया काफी धीमी है। झारखंड के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की भी बहुत कमी है। सरकारी अस्पतालों में लगभग 200 विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि न्यूनतम आवश्यकता एक हजार 21 है। यानी 80 प्रतिशत से अधिक पद खाली है।

PHC व CHC की है आवश्यकता

आबादी के हिसाब से राज्य में स्वास्थ्य केंद्रों की भी भारी कमी है। वर्तमान में राज्य में 7,561 स्वास्थ्य उप-केंद्रों की जरूरत है। इसी तरह 1,407 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) व 308 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की आवश्यकता है।

इन राज्यों में पहले से है अलग भर्ती बोर्ड

देश के कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग से भर्ती बोर्ड बनाया गया है जो काम कर रहा है। इसमें बिहार, पश्चिम बंगाल व तेलांगना शामिल है। इसके तहत अधियाचना मिलने के छह माह के भीतर नियुक्तियां पूरी ली जाएगी।

मरीजों को मिलेगी बेहतर चिकित्सा

रिक्त पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति होने से मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिल सकेगी। अभी तक राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है, वहां न तो कोई डाक्टर तैनात है और न ही कोई नर्स व फार्मासिस्ट। जिसके कारण उस केंद्र पर ताला लटका होता है। ऐसे में मरीजों को इलाज कराने के लिए 80 से 100 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।

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एमजीएम में 80 किलोमीटर दूर से इलाज कराने आते मरीज

झारखंड के जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बात करें तो यहां दूर-दूर से मरीज इलाज कराने आते हैं। पूर्वी सिंहभूम जिले के अलावा यहां पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिले के भी मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। 80 से 100 किलोमीटर दूर से मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें छोटे बच्चे से लेकर गर्भवती व गंभीर मरीज तक शामिल होते हैं। जबकि गर्भवती व छोटे बच्चों का इलाज सीएचसी-पीएचसी में किया जा सकता है। लेकिन यहां डॉक्टर व नर्सो की कमी के कारण मरीजों को इतने दूर आना पड़ता है।

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