
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी और सेटिंग के मामले में सीआईडी की जांच टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मुख्य आरोपी अभय तिवारी के दो और करीबियों, सोनू कुमार और अरविंद कुमार को दबोच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल धांधली कांड में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
होटल पर छापा, खंगाले गए दस्तावेज
CID की टीम ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए शुक्रवार को रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल में अचानक छापेमारी की। पड़ताल में सामने आया है कि यह होटल वर्ष 2021 से इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने ही लीज पर ले रखा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल के एंट्री-एग्जिट रजिस्टर, बिल बुक और कई अहम कागजात जब्त किए हैं। जांच एजेंसी को शक है कि इस होटल का इस्तेमाल अभ्यर्थियों से रकम तय करने, सीक्रेट बैठकों और धांधली के नेटवर्क को चलाने के लिए किया जाता था।
रौब दिखाकर फंसाता था जाल में
वर्तमान में गोड्डा के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात अभय तिवारी का ट्रैक रिकॉर्ड काफी चालाकी भरा रहा है। सरकारी नौकरी में आने से पहले वह ‘टीडीपीएल’ नाम की कंपनी में मैनेजर था। उसने खुद TGT, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर और फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसी कई परीक्षाएं पास की थीं। इसी का फायदा उठाकर वह अभ्यर्थियों को अपने प्रभाव में लेता था और परीक्षा में पास कराने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था।
रिश्तेदारों की नौकरी भी रडार पर
जांच का दायरा सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। CID अब अभय तिवारी के भाई की नियुक्ति की भी जांच कर रही है। उनकी नियुक्ति JSSC के जरिए हुई है। उसकी पत्नी की नौकरियों की निष्पक्षता की भी जांच कर रही है। साथ ही जेएसएससी की परीक्षा से जुड़े टेंडर प्रक्रिया भी उसकी जांच के दायरे में है। प्रक्रिया में टीडीपीएल कंपनी ने हिस्सा लिया था।


