Hazaribag (Jharkhand) : जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते चलन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में मादक द्रव्य से संबंधित जिला स्तरीय समिति और मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता अभियान के कार्यान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उपायुक्त ने मादक पदार्थों के खिलाफ विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया और अभियान की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मादक द्रव्यों के अवैध उत्पादन, भंडारण, तस्करी और वितरण से जुड़ी हर गतिविधि पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल गठित करने और नियमित रूप से छापामारी अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का आह्वान
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को नशा उन्मूलन के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने वाद-विवाद, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, संगोष्ठी और प्राचार्य स्तरीय मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से छात्रों को नकारात्मक आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
नशा पीड़ितों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान की जाए और उन्हें उचित उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मनोपरामर्श केंद्रों को मजबूत करने, आवश्यक विशेषज्ञों की नियुक्ति करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। समाज कल्याण विभाग को समाज के विभिन्न वर्गों, खासकर महिला समूहों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को इस अभियान में सक्रिय रूप से जोड़ने का निर्देश दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में नशा मुक्ति से संबंधित गोष्ठियां आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
जनसंपर्क विभाग करेगा जागरूकता अभियान का प्रचार-प्रसार
जनसंपर्क विभाग को इस अभियान के महत्व को देखते हुए जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया। नुक्कड़ नाटक, एलईडी वैन, रैली, पोस्टर-बैनर, ऑडियो-विजुअल प्रचार सामग्री और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई। उपायुक्त ने विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, कोचिंग सेंटरों और माइनिंग क्षेत्रों के आसपास नशा मुक्ति से संबंधित पोस्टर-बैनर लगवाने के भी निर्देश दिए।
जागरूकता ही नशा मुक्ति का सबसे बड़ा इलाज
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि इस अभियान के समाप्त होने के बाद भी सभी अधिकारी समय-समय पर नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आवश्यक गतिविधियां करते रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही नशा मुक्ति का सबसे बड़ा इलाज है। उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम को अत्यंत गंभीर और प्राथमिकता का विषय बताते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और सुनियोजित तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से समाज के युवा वर्ग, शैक्षणिक वातावरण, आर्थिक स्थिति और सामाजिक ताने-बाने पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके उन्मूलन के लिए सभी विभागों को सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से काम करना अनिवार्य है।
बैठक में उपायुक्त के अलावा डीएफओ, डीडीसी, डीएसपी, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं बरही, प्रशिक्षु आईएएस, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक, जिला खेल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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