प्रयागराज : महाकुंभ 2025 के दौरान संगम स्थल पर मची भगदड़ के कारण आज होने वाला अमृत स्नान रद्द कर दिया गया है। अखाड़ा परिषद ने यह निर्णय लिया है। इससे पहले, मेला प्रशासन ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज से अपील की थी कि फिलहाल अखाड़ों के अमृत स्नान को रोका जाए। इस अपील पर विचार करने के बाद, अखाड़ा परिषद ने आज का स्नान स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब अगला अमृत स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर, 3 फरवरी 2025 को होगा।
संगम स्थल पर मची भगदड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगम स्थली पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसी को ध्यान में रखते हुए अखाड़ा परिषद और मेला प्रशासन ने अमृत स्नान को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया।
अमृत स्नान का महत्व
अमृत स्नान, जिसे पहले ‘शाही स्नान’ कहा जाता था, महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन होता है। संतों और नागा बाबाओं के अखाड़े पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर स्नान करते हैं। इस स्नान को हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्यदायी माना जाता है। संतों के अनुसार, इस पावन स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।
बसंत पंचमी पर होगा अगला स्नान
अखाड़ा परिषद ने यह भी घोषणा की है कि अब अखाड़ों का अगला अमृत स्नान बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 3 फरवरी 2025 को होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आगामी स्नान के लिए अधिकृत स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
प्रशासन की अपील
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे संयम बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है और आगामी अमृत स्नान के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

