रामगढ़। मांडू विधायक रामगढ़ नगर पर्षद अध्यक्ष से अपनी जान पर खतरा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। दरअसल सीसीएल सिरका कोलियरी में काम करने को लेकर नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता और मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो के बीच ठन गई है। नगर परिषद उपाध्यक्ष ने विधायक के खिलाफ आवेदन दिया तो मांडू विधायक भी रामगढ़ थाना पहुंच गए। उन्होंने भी नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता सहित लगभग 20 लोगों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है।
रामगढ़ जिले में सीसीएल की सिरका कोलियरी को लेकर दो जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो और रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है।
मांडू विधायक ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी सुरक्षा पर खतरा बताया है। उन्होंने रामगढ़ थाना पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। विधायक का आरोप है कि उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है।
आउटसोर्सिंग कार्य को ले रंगदारी मांगने का आरोप
विधायक निर्मल महतो ने नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिरका कोलियरी में आउटसोर्सिंग कार्य को लेकर उनसे हर महीने 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है।
विधायक के अनुसार, जब वे बुधवार को कोलियरी क्षेत्र में मौजूद थे, तभी रणधीर गुप्ता अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए काम रुकवाने की धमकी दी। उनका कहना है कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक वहां कोई काम नहीं होने दिया जाएगा।
दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ पहुंचा थाना
इस विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पहले नगर परिषद उपाध्यक्ष की ओर से आवेदन दिया गया, जिसके बाद विधायक भी अपनी शिकायत लेकर थाना पहुंचे और लगभग 20 लोगों पर आरोप लगाए।
विधायक ने रणधीर गुप्ता पर आपराधिक प्रवृत्ति का होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई मामलों में रंगदारी मांगने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और वे जेल भी जा चुके हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। दोनों पक्षों के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है।
यह विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

