रांची: झारखंड विधानसभा के कार्यकारी अध्यक्ष स्टीफन मरांडी ने शुक्रवार को विधानसभा कार्यालय में षष्ठम झारखंड विधानसभा के पहले सत्र को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सत्र की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
सत्र की तैयारी और व्यवस्थाएं
बैठक में स्टीफन मरांडी ने नवनिर्वाचित सदस्यों के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने मुख्य सचिव से सत्र के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही, विधानसभा आने-जाने वाले रास्तों पर सुगम ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष निर्देश दिए गए।
चिकित्सा सेवाओं पर जोर
कार्यकारी अध्यक्ष ने सत्र के दौरान चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों, जीवन रक्षक दवाओं और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, विधानसभा परिसर में आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें मुख्य सचिव अलका तिवारी, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव मस्तराम मीणा शामिल थे।
इसके अतिरिक्त, रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री, एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा, और विधानसभा के प्रभारी सचिव माणिक लाल हेम्ब्रम ने भी इस बैठक में भाग लिया।
यातायात और भीड़ नियंत्रण
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने और ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यकारी अध्यक्ष ने विधायकों और अधिकारियों के सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स
बैठक में विधानसभा परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती और विधायकों तथा अधिकारियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
अन्य तैयारियां
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सत्र के दौरान पदाधिकारी दीर्घा में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश लागू किए जाएं। इसके साथ ही, सभी विभागों से समन्वय बनाकर सत्र की सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने की बात कही गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में विधानसभा सत्र की सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक चर्चा और योजनाएं बनाई गईं।

