
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में रैगिंग के आरोप सही पाए जाने के बाद 2024 और 2025 बैच के कुल 17 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। सभी 17 छात्रों को तत्काल प्रभाव से छात्रावास से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।
कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। 2024 बैच के 14 छात्रों को 15 दिनों तक कक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया है। वहीं 2025 बैच के तीन छात्रों को 8 अक्टूबर से शुरू होने वाली व्यावहारिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने इन तीनों छात्रों के परीक्षा परिणाम पर रोक लगाने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय को औपचारिक पत्र भी भेजा है।
MGM मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में 17 छात्रों पर कार्रवाई
रैगिंग की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए गठित एंटी रैगिंग समिति ने जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने 17 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया। इनमें 2024 बैच के 14 और 2025 बैच के तीन छात्र शामिल हैं।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार सभी आरोपी छात्रों को छात्रावास से तत्काल निष्कासित किया गया है। इसके अलावा सभी पर अलग-अलग 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। 2024 बैच के छात्रों पर कक्षा से 15 दिनों के प्रतिबंध के साथ अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
वहीं 2025 बैच के तीन छात्रों पर परीक्षा में शामिल होने को लेकर कार्रवाई की गई है। 8 अक्टूबर से शुरू होने वाली व्यावहारिक परीक्षा में इन छात्रों को बैठने की अनुमति नहीं होगी। उनके परीक्षा परिणाम को रोकने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया है।
26 जूनियर छात्रों की शिकायत के बाद सामने आया मामला
मामला नए सत्र के 26 जूनियर छात्रों की शिकायत के बाद सामने आया। छात्रों ने रैगिंग का आरोप लगाते हुए समिति के समक्ष ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए थे। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के निर्देश पर गठित एंटी रैगिंग प्रकोष्ठ ने करीब 48 घंटे तक लगातार जांच की। जांच के दौरान छात्रावास में लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। इसके अलावा सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों और छात्रावास में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी छात्र लगातार दो रात छात्रावास में देर रात दाखिल हुए थे। बताया गया कि उनका प्रवेश रात 12 बजे से 2 बजे के बीच हुआ। जांच में सामने आए साक्ष्यों और बयानों के आधार पर रैगिंग के आरोपों की पुष्टि की गई।
छात्रावास में दो रात तक देर रात पहुंचे थे आरोपी
जांच में छात्रावास की निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग को अहम साक्ष्य माना गया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होमगार्ड जवानों से भी जानकारी ली गई। प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के बयान भी जांच का हिस्सा रहे।
जांच के अनुसार आरोपी छात्र लगातार दो रातों तक देर रात छात्रावास में पहुंचे थे। इस दौरान जूनियर छात्रों से जुड़े रैगिंग के आरोपों की पुष्टि हुई। करीब 48 घंटे चली जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखी, जिसके आधार पर 17 छात्रों पर अलग-अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग को भी भेज दी है। इससे पहले जूनियर छात्रों की ओर से दिए गए ऑडियो-वीडियो साक्ष्य को भी जांच में शामिल किया गया था।
रैगिंग रोकने के लिए छात्रावास में बढ़ाई गई सुरक्षा
मामले के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने भविष्य में रैगिंग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए छात्रावास में 12 होमगार्ड जवानों की तैनाती की है।
छात्रों को आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के लिए एमजीएम थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ छात्रावास में अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा ने छात्रों को कड़ी चेतावनी देते हुए अनुशासन का पालन करने की हिदायत दी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छात्रावास में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या रैगिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य ने कहा, मामले की आगे भी जांच जारी
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। कॉलेज प्रशासन ने अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग को भेज दी है। साथ ही छात्रों की सुरक्षा और छात्रावास में अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
रैगिंग मामले में 17 छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रावास में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अब मामले में आगे की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

