RANCHI: नेशनल हेल्थ मिशन के एमडी शशि प्रकाश झा ने राज्य में एनसीडी (गैर-संक्रामक रोग) कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि उन जिलों के एनसीडी कार्यक्रम कर्मचारियों की समीक्षा की जाए, जिन्होंने लक्ष्य के अनुसार काम नहीं किया है। इसके साथ ही बेहतर काम न करने वाले कर्मचारियों के मानदेय रोकने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने एनसीडी के राज्यस्तरीय अधिकारियों को हर दो महीने में कार्यक्रम की गहन समीक्षा करने और माहवार लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश भी दिया। बता दें कि एमडी शशि प्रकाश झा सोमवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित एनपी-एनसीडी की समीक्षा कर रहे थे। इस बैठक में एनपी-एनसीडी के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. लाल माझी, डॉ. अश्विनी, मातृत्व कोषांग की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. पुष्पा और अन्य अधिकारी, परामर्शी व डेवलेपमेंट पार्टनर के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
स्वास्थ्यकर्मियों से की अपील
राज्यभर के सभी स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की है कि वे आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड (आभा कार्ड) ज्यादा से ज्यादा बनवाने पर जोर दें। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड रखने के लिए एक बेहद उपयोगी योजना है। जिससे न केवल मरीजों को फायदा होता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को भी मरीज के इलाज में सहायता मिलती है। इस कार्ड को आधार या ड्राइविंग लाइसेंस के साथ लिंक कर के तैयार किया जाता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मेला, कैम्प या स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले लाभार्थियों को आभा कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें इस प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया जाए।
व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर करें काम
अभियान निदेशक ने आगे कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों और योग्य प्रशिक्षकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए ताकि कार्यों को सरल बनाया जा सके। इसमें छोटे-छोटे टास्क दिए जाएं और समय-समय पर इनकी समीक्षा की जाए। इस दौरान जिलों से आए एनसीडी पदाधिकारियों और कर्मियों को यह भी कहा गया कि वे अपने कार्य प्रदर्शन से पहचान बनाएं। अभियान निदेशक ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को जिम्मेदारी लेने और टीम वर्क को बढ़ावा देने की अपील की।

