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दुनिया भर में चहुमुखी विकास व सुधार है जी-20 का उद्देश्य : अर्जुन मुंडा

by Rakesh Pandey
दुनिया भर में चहुमुखी विकास व सुधार है जी-20 का उद्देश्य
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जमशेदपुर : इंस्टीच्यूट फॉर एजुकेशन कॉलेज की ओर से एवं श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल, जमशेदपुर तथा कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (कैट) के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय नेशनल सेमिनार शनिवार को समारोहपूर्वक आरम्भ हुआ। सेमिनार का आयोजन बिष्टुपुर स्थित श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रेक्षागृह में किया गया है। इसका विषय “जी-20 में युवाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स एवं नैतिकता : झारखंड के परिप्रेक्ष्य में संभावनाएं” है।

दीप प्रज्ज्वलित कर सेमिनार की शुरुआत की गई। सेमिनार में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने विभिन्न राज्यों से आये शिक्षाविदों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जी-20 का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण, भ्रष्टाचार, कृषि आदि पर विशेष चर्चा है, ताकि कैसे सुधार किया जा सके। उदघाटन सत्र के दौरान मुंडा समेत अन्य अतिथियों ने कॉलेज के जनरल तथा सोवेनियर का विमोचन किया।

यह इंस्टीच्यूट फॉर एजुकेशन महाविद्यालय का समस्त परिवार के लिए बहुत ही यादगार और गौरव का दिन रहा जो शिक्षा और समाज के विकास के लिए सफल प्रयास है।

दुनिया भर में चहुमुखी विकास व सुधार है जी-20 का उद्देश्य

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) के सलाहकार डॉ जगदीश पाटिल ने व्याख्यान प्रारूप प्रस्तुत किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 की प्रसंगिकता और महात्ता पर प्रकाश डाला। साथ ही बताया कि महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों और शिक्षा की गुणवत्ता को कैसे सुधारा जा सके, जिससे अच्छा ग्रेड हासिल किया जाये और संस्थान, शिक्षक और छात्र सबों को विकास का अवसर प्राप्त हो। ताकि उत्तम समाज का निर्माण हो सके। इससे नैक की समस्त जानकारियों से सभी अवगत हुए और शंकाओं को दूर करने का अवसर प्राप्त हुआ।

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यह सभी संस्थान के लिए लाभप्रद रहा। इग्नू रांची के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ शुभकांत मोहन्ती ने बताया कि दूरस्थ शिक्षा द्वारा भी एक साथ कई पाठ्यक्रम को पढ़ कर कौशल विकास किया जा सकता है। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया इंडस्ट्री के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थालिया ने युवाओं को तकनीकी से जोड़ कर आगे बढ़ाने की बात की। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकास करने का लक्ष्य पूरा करने के लिए हौसला देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर अतिथियों का पारंपरिक नृत्य एवं गीत के साथ स्वागत किया गया। इंस्टीच्यूट फॉर एडुकेशन के निदेशक आरएन माहान्ती ने स्वागत भाषण किया। कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ शुक्ला माहान्ती सेमिनार का व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का विकास, ई-कार्मस, स्वास्थ्य तथा खेल-कूद को झारखंड राज्य को बढ़ाने के एक सफल प्रयास का पहला कदम के रूप में देखा जा सकता है। नई शिक्षा नीति का लाभ उठाकर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को लाभान्वित करने का प्रयास होगा। वहीं कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत व नृत्य प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् अतिथियों को पुष्पगुच्छ, साल तथा स्मृति भेंट कर सम्मानित किया गया।

उद्घाटन सत्र के बाद सेमिनार के पहले दिन दो तकनीकी सत्र हुए। प्रथम सत्र का विषय ई-कार्मस था जिसके सभाध्यक्ष एक्सएलआरआई के प्रो वेणुगोपाल थे। इसमें रिर्पोटियर की भूमिका सिक्की कुमारी ने निभाई। इसमें डॉक्टर तूलिका मोहंती। डॉ मनोज कुमार पाठक, डॉ ऋचा पांडा एवं सिक्की कुमारी ने अपने पेपर प्रस्तुत किये। द्वितीय सत्र का विषय शिक्षा था। इसकी अध्यक्षता इग्नू देवघर के निदेशक डॉ सरोज कुमार मिश्रा ने की। रिर्पोटियर श्रावणी मुखर्जी रहीं। इसमें डॉ स्वीटी सिन्हा एवं वंदना कुमारी ने अपने पेपर प्रस्तुत किये। धन्यवाद ज्ञापन डॉ स्वीटी सिन्हा ने किया। राष्ट्रीय गान के साथ सेमिनार के पहले दिन की गतिविधियां संपन्न हुई।

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