पाकुड़ : प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (PFI) के राजनीतिक दल ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (SDPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके फैजी की गिरफ्तारी के खिलाफ एसडीपीआई के कार्यकर्ताओं ने पाकुड़ में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने फैजी की गिरफ्तारी को केंद्र की भाजपा सरकार की प्रतिशोध की राजनीति और एसडीपीआई की आवाज दबाने की नाकाम कोशिश बताया।
एसडीपीआई नेताओं का विरोध
एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मो हंजेला शेख ने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। उनका कहना था कि पार्टी को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां की जा रही हैं, जो कभी सफल नहीं हो पाएंगी। उन्होंने कहा कि एसडीपीआई के कई बड़े राजनीतिक दल होने के बावजूद संगठन की जमीनी पहुंच दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शेख ने यह भी कहा कि वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ एसडीपीआई द्वारा की गई रैली, प्रदर्शन और कार्यक्रमों से केंद्र सरकार घबराई हुई थी, जिससे ही यह कदम उठाया गया है।
एसडीपीआई के प्रदेश उपाध्यक्ष हबीबुर रहमान ने भी इसे केंद्र सरकार की साजिश बताया और मांग की कि एमके फैजी को तुरंत बिना शर्त रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा।
ईडी की छापेमारी और गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद, एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके फैजी को गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में यह छापेमारी देशभर में की। छापेमारी के दौरान झारखंड के पाकुड़, केरल के तिरुवनंतपुरम और मलप्पुरम, आंध्र प्रदेश के नांदयाल, महाराष्ट्र के ठाणे, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर में 12 ठिकानों पर छापे मारे गए। इन छापों के बाद ही फैजी की गिरफ्तारी की गई, जो अब विवाद का केंद्र बन गई है।

