मध्यप्रदेश : मध्य प्रदेश (MP) में सत्ता संभालते ही नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फॉर्म में आ गए हैं। शपथ लेने के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपने आदेश से मध्य प्रदेश (MP) की सियासत में भूचाल ला दिया है। शुक्रवार को नए सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि मध्यप्रदेश (MP) में अब खुले में मांस नहीं बिकेगा।
इसको लेकर अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस दौरान अवैध रूप से संचालित दुकानों पर भी बुलडोजर चलाया जा रहा है। इसके अलावा, लाउडस्पीकर की तेज ध्वनि पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के आदेश के इसके बाद से प्रशासन ने सभी मंदिर, मस्जिद, चर्च सहित अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारना शुरू कर दिया है।
सीएम ने कहा-पुलिस विभाग की समस्याओं पर भी नजर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि पुलिस विभाग में भविष्य में कई बदलाव होंगे। इसमें थानों की सीमा बदलने से लेकर भवन की आवश्यकता तक शामिल हैं। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस जवान से लेकर अधिकारियों तक की समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही इन समस्याओं के समाधान को लेकर विचार किया जाएगा।
बैठक में सीएम (MP)ने दिए ये निर्देश
पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा संसाधनों में बेहतर कार्य के प्रयास करें। प्रत्येक तरीके के अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण हो। ओरछा, उज्जैन और अन्य नगरों में धार्मिक मेलों पर भीड़ नियंत्रित की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं। जिला स्तर पर भी पुलिस बैंड हो। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। एएसआई से एसआई स्तर के प्रमोशन समय पर हों।
संकल्प पत्र के हैं दस प्रमुख भाग
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संकल्प पत्र के दस प्रमुख भाग हैं। इसमें समृद्ध किसान, सशक्त नारी, जनजातीय कल्याण, उत्तम शिक्षा एवं सक्षम युवा, सबका साथ-सबका विकास, सुदृढ़ आधारभूत संरचना, स्वस्थ प्रदेश, प्रगतिशील अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास, सुशासन, कानून व्यवस्था सहित अन्य शामिल हैं।
संकल्प पत्र (MP) की घोषणाओं पर नजर रखेंगे मुख्य सचिव
MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संकल्प पत्र की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी। इसके लिए पृथक पोर्टल भी बनाए जाएंगे और जानकारी के ऑनलाइन फीडिंग, मॉनीटरिंग व रिपोर्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

