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Chaibasa News : चक्रधरपुर की प्रियम गुप्ता को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान, ‘चेंजमेकर’ के रूप में किया झारखंड का प्रतिनिधित्व

प्रियम के इंस्टाग्राम अकाउंट 'गुप्ताजी की लड़की' पर अब तक 1 करोड़ 32 लाख से अधिक (1,32,93,796) व्यूज मिल चुके हैं, जबकि उनके 68 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की रहने वाली प्रियम गुप्ता ने राष्ट्रीय पटल पर झारखंड का मान बढ़ाया है। गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित ‘दूसरा नेशनल चेंजमेकर्स मीट एंड अवार्ड्स 2026’ में उन्हें सम्मानित किया गया। देश भर से चुने गए 51 चेंजमेकर्स में शामिल होकर उन्होंने इस प्रतिष्ठित मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें यह सम्मान गुजरात सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडास्मा के हाथों प्राप्त हुआ।

सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और प्रेरणा

चक्रधरपुर के थाना रोड निवासी विनोद गुप्ता और आशा गुप्ता की सुपुत्री प्रियम संयुक्त परिवार में पली-बढ़ी हैं। बचपन से स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने वाली प्रियम जब काम के सिलसिले में बेंगलुरु गईं, तब उन्हें अपनी दादी के गाए लोकगीत और उनसे जुड़ी कथाएं याद आने लगीं। इसी भावनात्मक जुड़ाव ने उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। असम के एक दूरस्थ गांव ‘गुंजुंग’ की यात्रा उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। वहां उन्होंने कई अनूठे लोकगीत सुने, लेकिन इस बात से उन्हें गहरी चिंता हुई कि स्थानीय लोग भी अब उनके अर्थ और इतिहास को भूलते जा रहे हैं। यहीं से उन्होंने इन अमूल्य परंपराओं को डिजिटल कहानियों के रूप में सहेजकर व्यापक स्तर पर पहुंचाने का बीड़ा उठाया।

डिजिटल माध्यम से धरोहरों का संरक्षण

प्रियम वर्तमान में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भारत के लोकगीतों, त्योहारों, भाषाओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सहेजने के कार्य में जुटी हैं। वह टांकरी लिपि और बंजारा समुदाय के दुर्लभ ‘ढोलना’ आभूषण जैसी लुप्तप्राय सांस्कृतिक धरोहरों को भी दस्तावेज़ित कर रही हैं। इसके अलावा, छठ पूजा को सौर ऊर्जा और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जोड़कर बनाई गई उनकी एक विशेष कहानी को देश के कई प्रमुख समाचार संस्थानों ने सराहा और प्रकाशित किया।प्रसिद्ध लोकगायक मामे खान सहित कई नामचीन कलाकारों के साथ काम कर चुकीं प्रियम झारखंड पर आधारित एक फिल्म से भी जुड़ी रही हैं, जो आगे चलकर नेटफ्लिक्स तक पहुंची। उनके कार्यों को ‘सोशल केचअप’ में भी स्थान मिल चुका है।

सोशल मीडिया पर मिल रही भारी सराहना

सोशल मीडिया के जरिए अपनी मुहिम को आगे बढ़ा रहीं प्रियम के इंस्टाग्राम अकाउंट ‘गुप्ताजी की लड़की’ पर अब तक 1 करोड़ 32 लाख से अधिक (1,32,93,796) व्यूज मिल चुके हैं, जबकि उनके 68 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके ये डिजिटल प्रयास देश के विभिन्न समुदायों की उन छिपी हुई परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं, जिनसे आज की युवा पीढ़ी अनजान है।

सपनों की कोई सीमा नहीं:प्रियम

इस राष्ट्रीय सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए प्रियम ने कहा कि देश के शीर्ष 51 चेंजमेकर्स में शामिल होना और झारखंड का नेतृत्व करना उनके लिए अत्यंत गौरवशाली क्षण है। उन्होंने कहा, “मैं चक्रधरपुर जैसे छोटे शहर से आती हूँ, लेकिन किसी भी व्यक्ति की शुरुआती परिस्थितियां उसके सपनों की उड़ान तय नहीं करतीं।”

प्रियम ने इस आयोजन की पूरी टीम, विशेषकर डॉ. जिगर ईनामदार और प्रेम प्रिमलानी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका एकमात्र लक्ष्य भारत की लोक-संस्कृति, त्योहारों और पारंपरिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

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