
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र को हाल ही में पुलिस प्रशासन द्वारा नक्सलमुक्त घोषित किया गया था। लेकिन नक्सलवाद का प्रभाव कम होते ही इलाके में आपराधिक गिरोह सक्रिय होने लगे हैं, जिससे पुलिस के सामने एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ताजा मामला जिले के टेबो थाना क्षेत्र का है, जहां अपराधियों ने टेबो से हलमद के बीच चल रहे सड़क निर्माण कार्य में तैनात एक जेसीबी को आग के हवाले कर दिया।
शनिवार देर रात की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार टेबो थाना से 1 किलोमीटर के दूरी पर टेबो से हलमद तक 15 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पिछले कई महीनो से कम बंद था। गुरुवार को ही खूंटी के ठेकेदार द्वारा जेसीबी मशीन लाया गया था। इसी बीच शनिवार रात लगभग 9:00 बजे अज्ञात अपराधी पहुँचे। उन्होंने सड़क निर्माण स्थल पर खड़ी जेसीबी मशीन में आग लगा दी और घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद रात में गांव वाला देखा लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुआ और वह अपने-अपने घरों में कैद हो गई ।रविवार सुबह जब स्थानीय पुलिस को इस वारदात की जानकारी मिली, तो टेबो थाना में तैनात प्रशिक्षु बिरजू कुमार मेहता पुलिस के दलबल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचा और पूरे मामले की छानबीन शुरू की।
लेवी और रंगदारी की आशंका
प्रारंभिक जांच में लोगों में चर्चा है कि इसे रंगदारी वसूलने या इलाके में दहशत फैलाने की नीयत से की गई कार्रवाई मान रही है। अतीत में जिस तरह नक्सली संगठन विकास कार्यों को ठप करने और लेवी वसूलने के लिए गाड़ियां फूंका करते थे, ठीक उसी तर्ज पर इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
विकास कार्यों पर फिर मंडराया संकट
लंबे समय बाद इस अति-संवेदनशील क्षेत्र में सड़क निर्माण जैसे बुनियादी विकास कार्य शुरू हुए थे। लेकिन इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और ठेकेदारों में भारी दहशत का माहौल है। लोगों को डर है कि अपराधियों की इस करतूत से विकास कार्य एक बार फिर बाधित हो सकते हैं। फिलहाल टेबो थाना पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी अभियान चला रही है।
मामले की चल रही जांच, जल्द होगी गिरफ्तारी : एसपी
पश्चिमी सिंहभूम जिले के एसपी अमित रेणु ने कहा कि टेबो थाना क्षेत्र में एक जेसीबी मशीन को आग लगा देने कि सूचना मिली है। पुलिस टीम के साथ चक्रधरपुर एसडीपीओ एवं टेबो थाना प्रभारी को घटनास्थल भेजा गया है। इसकी जांच की जा रही है कि मामला क्या है। जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी तक रंगदारी या लेवी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

