RANCHI: रविवार को देश का आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश कर दिया। इस पर राजनीतिक दलों के साथ आम लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने इसे विकास वाला बजट बताया तो कुछ ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। कुछ लोगों ने इसे खास वर्ग का बजट करार दिया।
जानें क्या कहा लोगों ने
केंद्र सरकार के द्वारा जो बजट पेश किया गया है। इस बजट में देश के हर वर्ग को ध्यान में रख कर विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट युवा,गरीब,महिला, किसान की आकांक्षाओं वाला बजट है। यह बजट बहुमुखी विकास वाला बजट है। सबका साथ सबका विकास और विकसित भारत बनाने वाला बजट है। बजट में छात्रों और युवा वर्ग को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। ये बजट लोगों के जीवन में सुधार लाएगा।युवाओं को बल देने और रोजगार को बढ़ाने वाला बजट है।
ओम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, आजसू
सरकार ने जो बजट पेश किया है उसमें विमेन एंपावरमेंट को लेकर निर्णय लिया गया है। कृषि उद्योग के लिए सरकार ने
कुछ घोषणा है की है। मेडिकल के क्षेत्र में भी कई घोषणा हुई है जो लोगों के लिए हितकर सबित होगी। नई यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा हुई है। नया मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल भी खुलेगा। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। रसोई को लेकर बड़ी उम्मीद रहती है लेकिन इस बार कोई ज्यादा राहत नहीं मिली है।
वंदना लाल, डायरेक्टर, पलाश फैशन
इस बजट में युवाओं को ध्यान में रखा गया है। नई यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव है। राज्य में कई हॉस्टल भी खोलने की घोषणा की गई है। यह कदम युवाओं को राहत देने वाला है। खास करके आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट को नई यूनिवर्सिटी और हॉस्टल का लाभ मिलेगा। सोना चांदी के रेट में भी कटौती की घोषणा हुई है। इसका लाभ मध्यम वर्गीय परिवारों को मिलेगा।
अजमत, स्टूडेंट
यह बजट ज्यादा राहत देने वाला तो नहीं है। महिलाओं के लिए सबसे बड़ा बजट रसोई का होता है। इस पर सरकार ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। ना ही इस पर कोई बड़ी घोषणा हुई है। राशन का सामान और गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। कुल मिलाकर या बजट फ्रेंडली नहीं है। अगर सरकार चाहती तो बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया।
आकांक्षा सिंह, हाउस वाइफ
सरकार जो घोषणाएं करती है अगर वह धरातल पर उतर जाए तो उससे बड़ी राहत मिल जाएगी। इस बार का बजट मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। इस बजट से साफ हो गया है कि सरकार ने केवल कुछ लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। आम आदमी को इस बजट से ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है।
नीरज गुप्ता
केंद्रीय बजट में हेल्थकेयर को दी गई प्राथमिकता निश्चित तौर पर सकारात्मक संकेत है। स्वास्थ्य अवसंरचना, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल हेल्थ पहलों पर फोकस से आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिलने की उम्मीद है। पांच रीजनल मेडिकल हब का निर्माण, बुजुर्गों के लिए मजबूत हेल्थ केयर इकोसिस्टम बनाए जाने की योजना, शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती करने और तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के साथ ही जामनगर में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर बनाने पर जोर जैसी घोषणा स्वागत योग्य हैं। यह बजट देश की स्वास्थ्य प्रणाली को और सुदृढ़ कर सकता है।
डॉ. आनंद श्रीवास्तव, हेल्थकेयर एडवाइजर

