RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची का नगर निगम एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह है टैक्स वसूली में उसके बेहतर प्रदर्शन की। टैक्स वसूलने में रांची नगर निगम ने सभी निकायों को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन बात सुविधाओं की करे तो स्थिति खराब है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के कई इलाकों में सड़कों की स्थिति खराब है। नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं। कुछ इलाकों में तो कच्ची सड़कों पर ही लोग चलने को मजबूर हैं। ऐसे में टैक्स से विकास के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
102 करोड़ आए होल्डिंग टैक्स से
निगम ने समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में होल्डिंग टैक्स के रूप में करीब 102 करोड़ रुपये की वसूली की है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। रांची नगर निगम क्षेत्र में लगभग 2.5 लाख हाउस होल्डर रजिस्टर्ड हैं, जिनसे यह राजस्व प्राप्त हुआ है। इतनी बड़ी राशि वसूलने के बावजूद शहरवासियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। जबकि पिछले साल भी शहर के लोगों ने 80 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स जमा कराया था। तब भी नगर निगम प्रशासन ने बेसिक सुविधाएं दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा।
गड्ढों वाली सड़क पर चल रहे लोग
शहर के कई इलाकों में सड़कों की हालत बेहद खराब है। गड्ढों से भरी सड़कें न सिर्फ चलने में बाधा बन रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही हैं। वहीं नालियों की सफाई नियमित रूप से नहीं होने के कारण कई जगह जलजमाव और गंदगी की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि निगम सिर्फ टैक्स वसूली पर ध्यान दे रहा है, लेकिन बदले में सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। गर्मी के मौसम में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को लेकर भी लोग नाराज हैं। कई मोहल्लों में फॉगिंग मशीनें नहीं पहुंच रही हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
समय पर भर रहे टैक्स
लोगों का आरोप है कि वे समय पर टैक्स जमा करते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें साफ-सफाई, बेहतर सड़क और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कुछ इलाकों में तो स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ रही है। कुछ इलाकों में फॉगिंग के लिए गाड़ियां नहीं आ रही हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। लोगों का मानना है कि नगर निगम को सिर्फ राजस्व संग्रह पर ही नहीं, बल्कि उस राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देना चाहिए। शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है।
क्या कहती हैं मेयर
रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि 3 सालों से निगम में कोई प्रतिनिधि नहीं था। निगम के पास पैसे का अभाव था। हमलोगों के आए हुए 20 दिन हुए है। अब व्यवस्था सुधरेगी। जहां तक राजस्व की बात है तो इस साल अच्छा कलेक्शन हुआ है। जल्द ही धरातल पर चीजें दिखाई देगी।

