RANCHI: रिम्स में गैस सिलेंडर की कमी के कारण मरीजों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया था। किचन में गैस खत्म होने से 1700 से अधिक मरीजों के लिए बनने वाला खाना प्रभावित होने की स्थिति में पहुंच गया था। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की पहल के बाद गैस सिलेंडर की आपूर्ति कराई गई, जिसके बाद मरीजों का भोजन तैयार किया जा सका। हालांकि इसके लिए एजेंसी को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
1700 मरीजों का खाना
जानकारी के अनुसार रिम्स के किचन में रोजाना करीब 1700 मरीजों के लिए दिन में तीन समय का खाना तैयार किया जाता है। लेकिन अचानक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो जाने से किचन संचालन पर असर पड़ गया। इस स्थिति को देखते हुए किचन मैनेजर ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखकर गैस सिलेंडर की आपूर्ति जल्द कराने का अनुरोध किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों और मंत्री स्तर पर हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद तत्काल गैस सिलेंडर की व्यवस्था कराई गई, जिससे किचन में दोबारा खाना बनाना शुरू हो सका और मरीजों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया।
किचन प्रबंधन का कहना है कि अगर समय पर गैस की आपूर्ति नहीं होती तो शनिवार से मरीजों का खाना कोयले के चूल्हे पर पकाने की स्थिति बन जाती। रिम्स जैसे बड़े अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज भर्ती रहते हैं, ऐसे में भोजन व्यवस्था बाधित होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था। फिलहाल गैस सिलेंडर पहुंचने के बाद राहत है और मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। बैक अप के लिए कोयले की भट्ठी भी रखी गई है।
सदर में भी गैस क्राइसिस
सदर हॉस्पिटल रांची में भी गैस की किल्लत का असर देखा जा रहा है। किचन में 2 दिन का गैस बचा है। इसके बाद अगर गैस की सप्लाई होगी तो ठीक है। क्राइसिस की स्थिति में कोयले का चूल्हा तैयार रखा गया है। संचालक ने बताया कि गैस का नंबर काफी पहले लगाया था। लेकिन सप्लाई नहीं मिली है।

