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सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव आरंभ : 23 देशों से 19 हजार भक्तों की उपस्थिति!

इस महोत्सव के लिए सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी और कुंदा जयंत आठवलेजी की वंदनीय उपस्थिति सहित 23 देशों से 19 हजार से अधिक भक्त उपस्थित हैं।

by Anurag Ranjan
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  • गोवा का सागर देखने आने वाले लोग अब सनातन संस्था के कार्य के कारण भारतीय संस्कृति देखने आते हैं! – डॉ. प्रमोद सावंत, मुख्यमंत्री, गोवा
  • गोवा शासन की ओर से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का विशेष सम्मान

फोंडा, गोवा : (सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेनगरी) – पहले गोवा में लोग सागर तथा अन्य स्थल देखने आते थे, अब गोवा में सनातन संस्था का कार्य आरंभ होने पर लोग भारतीय संस्कृति और देवालय देखने गोवा आते हैं। गोवा भोगभूमि नहीं, देवभूमि है। सनातन संस्कृति और शंखनाद महोत्सव से यहां का अर्थतंत्र और सांस्कृतिक पर्यटन बढेगा। विगत 25 वर्षों से सनातन संस्था हिंदू धर्म का प्रसार करने का महान कार्य कर रही है। सनातन संस्था द्वारा रचित आध्यात्मिक ग्रंथ युवकों के लिए प्रेरणादायी तथा आगामी 100 वर्षों तक मार्गदर्शक हैं। सनातन संस्था का कार्य समाज के लिए दीपस्तंभ समान है, ऐसे गौरवपूर्ण विचार गोवा राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने प्रकट किए।

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी का 83वां जन्मोत्सव एवं संस्था के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में गोवा में 17 से 19 मई 2025 की अवधि में फार्मागुडी, फोंडा स्थित गोवा अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मैदान पर ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का ऐतिहासिक आयोजन किया गया है । उसके उद्घाटन के अवसर पर वे बोल रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने गोवा शासन की ओर से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी को शॉल-श्रीफल और उपहार भेंट कर उनका विशेष सम्मान किया। देश के संरक्षण कार्य के लिए सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के करकमलों से मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को सहायता निधि समर्पित की गई।

इस महोत्सव के लिए सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी और कुंदा जयंत आठवलेजी की वंदनीय उपस्थिति सहित 23 देशों से 19 हजार से अधिक भक्त उपस्थित हैं। प्रकृति-स्वास्थ्य उत्तम न होते हुए भी साधक और भक्तों के स्नेह के लिए महोत्सव में उपस्थित रहे। सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी के दर्शन से उपस्थित साधक, हिन्दुत्वनिष्ठ भावविभोर हो उठे। महोत्सव के आरंभ में शंखनाद, गणेश वंदना और वेदमंत्रों के पाठ उपरांत मान्यवरों के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

सनातन राष्ट्र की आधारशिला गोवा से स्थापित हो रही है, यह ऐतिहासिक क्षण है ! – श्रीपाद नाईक, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री

इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक बोले, ‘सनातन राष्ट्र की आधारशिला गोवा से स्थापित हो रही है, यह ऐतिहासिक क्षण है। छत्रपति शिवाजी महाराज व धर्मवीर संभाजी महाराज के चरणस्पर्श से गोवा भूमि पावन हुई है। गोवा में आक्रमणकारियों ने लाखों हिंदुओं का वध किया; तथापि यहां के हिंदुओं ने सनातन हिंदू संस्कृति अखंड रखने का कार्य किया है। ऐसी पावन भूमि में सनातन राष्ट्र के लिए शंखनाद होना, यह शुभ संकेत है। सनातन राष्ट्र निर्माण के कार्य में गोवा के धर्मप्रेमी सनातन संस्था के साथ हैं’।

गोवा ‘बीच’ पर बैठने की नहीं, अपितु भगवान परशुराम की उपासना भूमि है ! – पू. देवकीनंदन ठाकुर

गोवा ‘तट’ (सागर किनारे) पर बैठने की नहीं, वरन् भगवान परशुराम की उपासना करने की भूमि है। पाकिस्तान का शासन भिक्षा मांगनेवाला है, आतंकवादी प्रशिक्षित कर दूसरों की हानि करता हैं, तो भारत में देवालय, गोशाला और वेद विद्यालय का निर्माण हो रहा है। हमारा राष्ट्र हिंदू राष्ट्र था और आगे भी रहेगा।

हिंदुओ, राम-कृष्ण का आदर्श रख शक्ति की उपासना करो! – पद्मश्री ब्रह्मेशानंद स्वामी, गोवा

आजतक गोवा की समाज में जो कलुषित प्रतिमा थी, वह दूर होकर एक सात्त्विक परशुराम भूमि के रूप में गोवा की पहचान सनातन संस्था के कार्य से निर्मित हुई है। श्री हनुमान, श्रीराम, श्रीकृष्ण के हाथों में आयुध हैं। यह आयुध धर्म की रक्षा के लिए हैं। हमें शांति चाहिए। सनातन धर्म के विद्यमान रहने पर ही विश्व में विश्वास और शांति निर्मित होगी। आज हिंदू जाग्रत न हुआ, तो आगामी दिवस हमारा नहीं रहेगा। समस्त समाज को सनातन के राष्ट्र और धर्म कार्य में सहभागी होने की आवश्यकता है। हम भी इस कार्य में सहभागी हैं । इस कार्य को हमारे भी आशीर्वाद हैं।

राष्ट्र के सनातनत्व को अक्षुण्ण रखने हेतु ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’!- चेतन राजहंस

पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटन हेतु आए हिंदुओं की उनका धर्म पूछकर हत्या की। इसलिए भारत के सम्मुख उपस्थित चुनौतियां देखीं, तो ‘सनातन धर्मियों का अस्तित्व और सनातन धर्म का संरक्षण’ अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसलिए सनातन धर्म को पुनर्वैभव प्रदान करने हेतु ‘शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन किया गया है। यह महोत्सव धर्मभक्तों को आध्यात्मिक बल देगा, एक नवचेतना और ऊर्जा प्रदान करेगा।

कर्नाटक स्थित मैसूर राजघराने के युवराज तथा मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्ण दत्त चामराज वाडीयार बोले, ‘अध्यात्म ही हमारा सबका मूल आधार है और वही हमारे सनातन राष्ट्र की मूल अवधारणा है। सनातन राष्ट्र यह राजनीतिक सत्ताव्यवस्था न होकर आध्यात्मिक सेवाभाव से की हुई व्यवस्था है’। इस अवसर पर गोवा के ऊर्जा मंत्री सुदिन ढवळीकर, भाजपा के गोवा राज्य के प्रदेशाध्यक्ष दामोदर नाईक ने अपने विचार प्रकट किए। महोत्सव के आरंभ में धर्म स्थापना के लिए 1 करोड ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ इस नामजप का आरंभ किया गया।

इनकी उपस्थिति भी रही उल्लेखनीय

इस अवसर पर गोवा स्थित कुंडई के दत्त पद्मनाभ पीठ के पद्मश्री सद्गुरु ब्रह्मेशानंद स्वामीजी, ‘सनातन बोर्ड’ के प्रणेता पूजनीय देवकीनंदन ठाकुर, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक, गोवा के ऊर्जा मंत्री सुदिन ढवळीकर, गोवा राज्य के समाजकल्याण मंत्री सुभाष फळदेसाई, भाजपा के गोवा राज्य के प्रदेशाध्यक्ष दामोदर नाईक, कर्नाटक स्थित मैसूर राजघराने के युवराज तथा मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्ण दत्त चामराज वाडीयार, ‘सुदर्शन न्यूज’ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके, सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस और अभय वर्तक उपस्थित थे।

क्षणिकाएं :

  • इस समय ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संक्षिप्त चरित्र’ इस हिन्दी भाषा के ग्रंथ का तथा ‘ई-बुक’ का मान्यवरों के करकमलों से लोकार्पण किया गया ।
  • ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी’ के मुख्य प्रवेशद्वार का नामकरण ‘भगवान परशुराम सुवर्णद्वार’, नगरी के सात मार्गों को ‘सप्तर्षि’ के, तो तीन मुख्य बडे सभामंडपों को ‘श्रीनिवास मंडपम’, ‘श्रीदेवी मंडपम’ और ‘भूदेवी मंडपम’ ऐसे नाम दिए गए हैं । महोत्सव स्थल पर भोजन के लिए कुल १५ मंडप निर्मित किए गए हैं और उनके नाम भी देवताओं के नाम से दिए गए हैं । भगवान श्रीराम, छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा सहित गोवर्धन पर्वत उठाते हुए श्रीकृष्ण तथा अफजल खान वध के कटआउट स्थापित किए गए हैं ।
  • इस समय ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था की ओर से 1 हजार वर्ष पूर्व के सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का दर्शन सबको कराया गया। इस कार्यक्रम की अधिक जानकारी के लिए SanatanRashtraShankhnad.in वेबसाइट देखें!

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