चाईबासा : सरायकेला के सहकारी बैंक में घोटाले के मामले में एसीबी कोर्ट पीयुष श्रीवास्तव की अदालत ने दो लोगों को दस-दस साल और एक को 5 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो लोगों को 1 लाख 20 हजार और एक को 15 हजार रुपया जुर्माना लगाया है। 10 साल की सजा पाने वालों में सहकारी बैंक के मैनेजर सरायकेला जिला के खरसावां गढ़ निवासी सुनील कुमार सतपति, व्यापारी सरायकेला के पटनायक टोला निवासी संजय कुमार डालमिया शामिल है। जबकि, 5 साल की सजा पाने वाले बैंक कर्मी मुफस्सिल थाना अंतर्गत तुईवीर निवासी मनीष देवगम हैं।
सहकारी बैंक से हुई थी 33 करोड़ रुपए की फर्जी निकासी
इन तीनों के खिलाफ एसीबी के द्वारा वर्ष 2013-14 में सरायकेला के सहकारी बैंक से लगभग 33 करोड़ रुपया की निकासी की थी, जो फर्जी तरीके से की गई थी। एससीबी ने 2019 में धोखाधडी, भ्रष्टाचार और फर्जी तरीके से निकासी कर गबन करने का मामला दर्ज किया गया था। उक्त तीनों के खिलाफ अदालत को साक्ष्य मिल जाने से दो को दस-दस साल और एक को 5 साल की सजा सुनाई है। उक्त मामले का अनुसंधानकर्ता अपराध अनुसंधान विभाग सीआईडी के तत्कालीन कोल्हान के पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष गुप्ता थे। हालांकि पूरे मामले को लेकर आरोपी द्वारा कई तरह से पुलिस को गुमराह किया गया था। लेकिन जांच पड़ताल में एसीबी को एक-एक करके सबूत मिलते गए और न्यायालय ने घोटाला का आरोपियों को सजा सुनाई।

