हजारीबाग। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड में हुए चर्चित नाबालिग हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में तांत्रिक श्रृंगार ने जांच की दिशा बदल दी और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जिस नाबालिग का शव मिला, उसके शरीर पर तांत्रिक तरीके से विशेष श्रृंगार किया गया था। जबकि इससे पहले मंगला जुलूस में शामिल होने के दौरान उसने ऐसा कोई श्रृंगार नहीं किया था।
यही विरोधाभास पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। इस आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म के साथ-साथ तांत्रिक गतिविधियों के एंगल से भी जांच शुरू की, जिससे मामले की परतें खुलती चली गईं।
भगतिन से शुरू हुई साजिश की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास रहने वाली भगतिन शांति देवी को हिरासत में लिया। शुरू में उसने घटना में अपनी भूमिका से इनकार किया, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। शांति देवी की निशानदेही पर पुलिस ने मृतका की मां को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में मां ने भी अपराध स्वीकार कर लिया और साजिश में अपनी भूमिका कबूल की।
मुख्य आरोपी ने भी कबूला जुर्म
मामले में भीम राम को मुख्य आरोपी बताया गया है। पहले उसने अपना जुर्म स्वीकार नहीं किया, लेकिन जब सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई तो उसने भी अपराध कबूल कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इस हत्या को दुष्कर्म का रूप देकर जांच को भटकाने और समाज विशेष पर आरोप मढ़ने की साजिश रची थी।
आपराधिक पृष्ठभूमि और आगे की जांच
पुलिस के अनुसार भीम राम का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है और वह हत्या के एक मामले में जेल भी जा चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इस मामले को लेकर लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव और Jharkhand High Court की सख्ती के कारण पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव था। हालांकि एक छोटे से सुराग ने पूरे केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास और तांत्रिक प्रथाओं के खतरनाक प्रभाव को उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

