चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह केसीसी मेगा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक जगत माझी ने दीप प्रज्वलित कर किया। किसानों और कृषक मित्रों को संबोधित करते हुए विधायक जगत माझी ने कहा कि दूसरे राज्यों में 12 घंटे मजदूरी करने से बेहतर है कि किसान अपने खेतों में रोजाना चार घंटे ईमानदारी से मेहनत करें। उन्होंने कहा कि यदि कृषि और पशुपालन को गंभीरता से अपनाया जाए तो किसी को अपनी माटी छोड़कर पलायन नहीं करना पड़ेगा। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड की एक पंचायत को चिन्हित कर उसे ‘मॉडल पंचायत’ के रूप में विकसित करें ताकि अन्य पंचायतें भी प्रेरणा ले सकें।

कम बारिश की आशंका पर किया सचेत
इस वर्ष कम वर्षा की संभावना को देखते हुए विधायक ने किसानों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि सुखाड़ से निपटने के लिए कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलों और तकनीकों को अपनाना होगा। पशुधन विकास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे जल्द ही जमीनी स्तर पर लाभार्थियों से मिलकर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए दर्जनों योजनाएं चला रही है, जरूरत सिर्फ जागरूकता की है।
धान भुगतान में देरी पर कड़ा रुख
कर्मशाला में किसानों ने शिकायत की कि गोलमुंडा लैंपस में धान बेचने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है। इस पर विधायक ने किसानों को लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कृषि उपकरण और बीज का किया वितरण
कार्यक्रम में विधायक के हाथों किसानों के बीच उन्नत बीज और कृषि उपकरणों का वितरण किया गया। इससे पहले प्रभारी कृषि पदाधिकारी आर्थभंजन प्रधान ने किसानों से मानसून से पहले खेतों की मेड़बंदी करने और डोभा-तालाबों की मरम्मत कर जल संरक्षण करने की अपील की। इस मौके पर उप प्रमुख अर्चना महतो, प्रदान संस्था के मनीष कुमार, मानकी मदन मोहन सुंडी, मुखिया जोसेफ मुर्मू, रासमनी माझी, सुप्रिया बोदरा, कृषक मित्र रामप्रेस महतो समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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