
चाईबासा : जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर निवासी के. प्रभाकर राव के कुशल नेतृत्व में उतरी भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की झड़ी लगाकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे देश और खेल प्रेमियों में उत्साह व खुशी का माहौल है।
स्वर्ण पदक पर भारतीय धुरंधरों का कब्जा
प्रतियोगिता के दौरान भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। नितेश कुमार, नवीन शिवकुमार, तुलसीमति मुरुगेसन और मानसी गिरिश जोशी ने अपने वर्ग में अद्भुत खेल का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीते।
रजत पदक विजेताओं ने दिखाया दम
फाइनल मुकाबले तक का सफर तय करने वाले खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अनमोल भगत, तुलसीमती, नित्या सिवन, कृष्णा नागर और शिवराजन ने कड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किए।
कांस्य पदक जीतकर मजबूत की पदक तालिका
भारत की ओर से कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीतने वालों की सूची भी काफी लंबी रही। सुहास यतिराज, मनीषा रामदास, कृष्णा, नित्या, अल्फिया, पल्लवी, अभिजीत, सूर्यकांत, नवीन, संजना, प्रमोद भगत और मनीषा ने अपने-अपने वर्गों में कांस्य पदक हासिल कर भारत की स्थिति को बेहद मजबूत बनाया।
कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन की जीत
खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय उनकी निरंतर कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति अटूट समर्पण को दिया जा रहा है। कोच और टीम प्रबंधन की देखरेख में खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कड़ा अभ्यास किया था, जिसका प्रतिफल अब पदकों के रूप में दिखाई दे रहा है।भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की इस स्वर्णिम सफलता से चाईबासा सहित पूरे देश में हर्ष का माहौल है और सभी विजेताओं को बधाइयां दे रहे हैं।

