जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह हलुदबनी तिरिलटोला निवासी 32 वर्षीय गोमा लोहार की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह बिरसानगर के हुरलुंग स्थित अपने ससुराल में पत्नी और 9 वर्षीय बच्चे के साथ रह रहा था। गोमा लोहार की मौत के बाद परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों का आरोप – हत्या की आशंका
मृतक के चाची मीना लोहार ने बताया कि गोमा लोहार के माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी, और उन्होंने ही उसे पाला था। उन्होंने लगभग दस साल पहले गोमा लोहार का विवाह बिरसानगर की मोनू लोहार से करवाया था। शुरुआती दो सालों तक दोनों पति-पत्नी परसुडीह में रहे, लेकिन शराब पीने को लेकर उनका विवाद शुरू हो गया। बाद में मोनू लोहार के कहने पर गोमा अपने परिवार के साथ बिरसानगर अपने ससुराल रहने चला गया। पिछले कुछ सालों से वह अपने चाचा-चाची से भी नहीं मिला था।
संदिग्ध मौत और पुलिस की जांच
रविवार को गोमा लोहार की मौत की खबर परसुडीह में उसके परिजनों को मिली। वे तत्काल बिरसानगर पहुंचे, जहां लड़की के परिवारवालों ने उसे आग तापने से झुलसने की बात बताई। हालांकि, मृतक के शरीर पर जलने के कोई निशान नहीं मिले। इसके बाद बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मीना लोहार ने आशंका जताई कि गोमा की हत्या मारपीट कर की गई है, क्योंकि घटनास्थल पर घसीटने के निशान मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोमा की पत्नी ने कई साल पहले अपने पति और बेटे को छोड़कर किसी दूसरे युवक से शादी कर ली थी। यह विवाद संभवत: उसकी हत्या की वजह हो सकता है।
मामले की जांच जारी
सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चलेगा। गोमा लोहार पेशे से मुर्गा काटने का काम करता था और इस संदिग्ध मौत को लेकर पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है।

