Jamshedpur : टाटा स्टील चिड़ियाघर ने शहरवासियों को एक खास और यादगार पहल से जोड़ते हुए दो मादा बाघ शावकों के नामकरण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की दावत दी है। ये दोनों बाघ शावक 27 नवंबर 2025 को जन्मे हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। फिलहाल उनकी देखभाल चिड़ियाघर के विशेष केयर जोन में की जा रही है, जहां सीसीटीवी के जरिए उनकी लगातार निगरानी हो रही है।चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि नियमों के तहत तीन महीने की आयु पूरी होने के बाद ही बाघ शावकों को आम दर्शकों के लिए प्रदर्शन क्षेत्र में लाया जाएगा।
इसी बीच, नागरिकों से इन शावकों के लिए अर्थपूर्ण और उपयुक्त नाम सुझाने की अपील की गई है। नाम भेजने के इच्छुक लोग अपने सुझाव एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल नंबर 8709572018 पर भेज सकते हैं।
नाम भेजने की अंतिम तिथि मंगलवार, 13 जनवरी 2026 तय की गई है। प्रविष्टि भेजते समय निम्न प्रारूप का पालन करना अनिवार्य होगा
* पहली मादा बाघ का नाम: ……
* दूसरी मादा बाघ का नाम: ……
* प्रेषक का नाम एवं स्थान
प्राप्त नामों में से चयन समिति सबसे उपयुक्त और सार्थक नामों का चयन करेगी। चयनित नामों की आधिकारिक घोषणा 16 जनवरी 2026 को की जाएगी, वहीं विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से भी सूचित किया जाएगा। चयनित प्रविष्टि भेजने वाले प्रतिभागियों को चिड़ियाघर की ओर से आकर्षक उपहार भी दिए जाएंगे।
इनमें छह निःशुल्क विजिटर पास, छह लोगों की क्षमता वाली एक निःशुल्क कार्ट सवारी (पहली यात्रा के लिए मान्य) और किसी अन्य बाघ के एनक्लोजर के साथ फोटो खिंचवाने का मौका शामिल है। ये उपलब्धता पर निर्भर करेगा। निःशुल्क पास साल 2026 में तीन यात्राओं के लिए मान्य होंगे और हस्तांतरणीय नहीं होंगे। टाटा स्टील चिड़ियाघर की यह पहल न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि शहरवासियों को इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने का अनूठा मौका भी प्रदान करेगी।

