UP by-election : उत्तर प्रदेश के मीरापुर क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान हुई वोटिंग का एक वीडियो सामने आया था, जहां थाना अध्यक्ष ने आम जनता पर बंदूक तानी हुई थी। इस वीडियो को शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अब उसी पुलिस अधिकारी को संगठन की ओर से सम्मानित किए जाने की बात सामने आ रही है।
संगठन करेगी विवादित पुलिस को सम्मानित, तो सपा करेगी महिलाओं को सम्मानित
20 नवंबर को उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के लिए मतदान हुए, तो समाजवादी पार्टी ने कई जगहों से हिंसा की ख़बरों की बात कही और इससे संबंधित वीडियो भी पोस्ट किए। इस दौरान जिस वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा और सबसे अधिक आलोचना की, वो थी पुलिस अफ़सर द्वारा दो महिलाओं पर बंदूक तानना। लेकिन इस बीच, अब एक संगठन ने इन पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करने की घोषणा की है। वहीं, सपा की ओर से बंदूक की नोंक पर आईं महिलाओं को सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
पुलिसकर्मियों को सम्मान
बताया गया कि महिलाओं पर पिस्टल तानने वाले थाना अध्यक्ष का नाम राजीव शर्मा था। अब ब्रह्मा समर्पित ब्राह्मण महासभा नामक संगठन ने राजीव शर्मा को सम्मानित करने का फैसला किया है। संगठन ने कहा है कि राजीव शर्मा ने उग्र भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश की और अगर ऐसा नहीं किया होता, तो बड़ी घटना हो सकती थी। ऐसे में संगठन ने मुज़फ़्फ़रनगर SSP और थाना अध्यक्ष राजीव शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की है।
सपा बंदूक की नोंक पर खड़ी महिला को करेगी सम्मानित
इसकी जवाबी कार्यवाही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उस महिला को सम्मानित करने का ऐलान किया है, जो रिवॉल्वर ताने पुलिस इंस्पेक्टर के सामने खड़ी थी। यूपी उपचुनाव में महिला को राजीव शर्मा ने कथित तौर पर वोट न डालने की धमकी दी थी। खबरों के अनुसार, महिला का नाम तोहिदा बेगम है, जिनकी उम्र 50 वर्ष है औऱ वो मुज़फ़्फ़रनगर के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के ककरौली की रहने वाली है। सपा तोहिदा बेगम को उनकी निडरता के लिए उन्हें सम्मानित करना चाहती है।
थानाध्यक्ष ने कहा- वीडियो साजिश के तहत वायरल
बता दें कि वीडियो को वायरल होने के बाद थानाध्यक्ष राजीव शर्मा ने अपनी सफाई में कहा है कि वीडियो को ‘साज़िश’ के तहत वायरल किया गया और वीडियो अधूरा है। SSP के कहे अनुसार, सच्चाई बताई गई कि झड़प की ख़बर मिलने पर पुलिस वहां पहुंची थी, जहां रोड जाम करने की कोशिश के बारे में पता चला था और पुलिस पर पथराव करने की भी जानकारी सामने आई थी। उनका कहना है क जब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करने की कोशिश की, तो कथित उपद्रवी मौक़े से भागे और महिलाओं को आगे कर दिया गया।

