चेन्नई : तमिल फिल्म अभिनेता विजय थलापति की तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) पार्टी ने रविवार को अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग बुलाई। इस बैठक में पार्टी ने केंद्र के ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इसके अलावा भी विजय की पार्टी ने की मुद्दों पर चर्चा की।
नीट, जनगणना और कई मुद्दों पर थलापति का विरोध
पार्टी ने नीट की परीक्षा का विरोध करते हुए तमिलनाडु से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को भी वापस लेने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने जनगणना के मुद्दे पर भी अपनी आवाज मुखर करते हुए राज्य में जाति सर्वेक्षण नहीं कराने और इसके लिए केंद्र को दोषी ठहराने के लिए डीएमके सरकार की कड़ी निंदा की।
स्टालिन पर भी किया प्रहार
टीवीके ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार पर भी तीखा प्रहार किया और कहा कि स्टालिन सरकार द्वारा किया गया चुनावी वादा केवल सत्ता में आने के लिए झूठ से भरा हुआ था।
रैली में बताया था पार्टी का उद्देश्य
बता दें कि विजय ने फरवरी में अपनी राजनीतिक पार्टी की शुरूआत की थी। इसके आठ महीने बाद विजय ने 27 अक्टूबर को तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में अपनी पहली राजनीतिक रैली की थी। इस रैली में उन्होंने पार्टी की विचारधारा और लक्ष्यों को जनता के समक्ष रखा।
इस रैली में उन्होंने साफ़ किया था कि उनकी पार्टी का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, अदालतों में प्रशासनिक भाषा के रूप में तमिल को बढ़ावा देना और राज्यपाल के पद को हटाना शामिल है।
हम एकता और न्याय की वकालत करते है
विजय ने कहा था कि उनकी पार्टी का दृष्टिकोण द्रविड़वाद और तमिल राष्ट्रवाद दोनों से प्रेरित है, उन्होंने खुद को हमारी धरती की दो आंखें बताते हुए कहा था कि टीवीके की पहचान को एक गुट तक सीमित करने की बजाय, हम न्याय, एकता और सामाजिक विकास पर केंद्रित व्यापक धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की वकालत करते हैं।
विजय ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

