
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से अंधविश्वास और कुप्रथा की एक बेहद दर्दनाक और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना प्रकाश में आई है। जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोलजोमरो गांव में कुछ अज्ञात और संकीर्ण सोच वाले लोगों ने एक बेकसूर महिला पर डायन होने का झूठा और निराधार आरोप मढ़ते हुए उसकी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलजोमड़ो गांव की रहने वाली 46 वर्षीय रेंदाई सुंबरुई पत्नी साधु चरण सुंबरुई बीती शुक्रवार की रात अपने घर के भीतर आराम से सो रही थीं। इसी दौरान, अंधविश्वास की आग में सुलग रहे चार आरोपी अचानक उनके घर में जबरन घुस आए। आरोपियों ने सोते वक्त महिला पर हमला बोल दिया और डंडों से ताबड़तोड़ वार कर उनकी बेरहमी से जान ले ली। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
अगले दिन सुबह जब परिजनों की नींद खुली और उन्होंने रंदाई सुंबरुई का खून से लथपथ शव देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इस हृदयविदारक घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो आरोपी हिरासत में
सूचना मिलते ही कराईकेला थाना प्रभारी प्यार हसन अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए मृतका के शव को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई और छापेमारी अभियान शुरू किया।
दो आरोपी गिरफ्त में, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी
पुलिस की मुस्तैदी के चलते इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को धर दबोचा गया है, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, इस वारदात में संलिप्त अन्य दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के इस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। समाज में आज भी फैली इस कुप्रथा के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।

