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रांची में एक लाख में 20 महिलाएं कैंसर की चपेट में, एनजीओ के सर्वे में आए चौंकाने वाले आंकड़े

स्वास्थ्य विभाग लक्षणों की पहचान के लिए चला रहा जागरूकता कार्यक्रम, हर महीने कैंप लगाकर की जा रही महिलाओं की स्क्रीनिंग

by Vivek Sharma
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रांची : राज्य में कैंसर मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। वहीं महिलाएं ज्यादा इसकी चपेट में है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि झारखंड में महिलाएं कैंसर से जूझ रही है। रांची में एक लाख में लगभग 20 महिलाएं कैंसर से पीड़ित है। वहीं हर महीने हजारों महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान कर तत्काल उनका इलाज किया जा सके। रांची के सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि जब स्क्रीनिंग बढ़ेगी तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि विभाग इसके लिए लगातार काम कर रहा है।

हर महीने 2900 महिलाओं की स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई एनजीओ भी कैंसर को लेकर काम कर रहे है। इनके सर्वे में भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए है। जिसके तहत हर महीने लगभग 2957 महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के बाद एक लाख की महिला आबादी में 20.91 महिलाएं कैंसर ग्रसित है। अब स्क्रीनिंग की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी है। जिससे ज्यादा मरीजों के सामने आने की उम्मीद है।

स्क्रीनिंग के लिए लगेगा कैंप

4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर सामान्य कैंसर के लिए एक वृहत रूप से स्क्रीनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा, जो कि एनपी-एनसीपी के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी करेंगे। राज्य में कैंसर के मामलों की रोकथाम और उपचार के लिए एक बड़ा कदम है। यह स्क्रीनिंग कार्यक्रम झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता को कैंसर के प्रति जागरूक करने, उनकी प्रारंभिक जांच करने और समय पर उपचार के लिए मदद करने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से राज्य में कैंसर के मामलों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान करने से इसका उपचार संभव है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूक करने और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है।

सदर में लगेगी मैमोग्राफी मशीन

राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सदर में भी मैमोग्राफी मशीन लगाने की तैयारी है। जिससे कि इस हॉस्पिटल में ही ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित महिलाओं का इलाज हो सकेगा। इससे पहले कैंसर मरीजों का इलाज सदर में शुरू किया जा चुका है। वहीं 70 बेड का ओंकोलॉजी विंग भी चालू है। जहां पर लगातार कैंसर के मरीजों का इलाज चल रहा है।

बता दें कि एनपी-एनसीपी के तहत की जा रही यह पहल भारत सरकार द्वारा कैंसर, तंबाकू और हृदय रोगों से संबंधित जागरूकता व रोकथाम के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से कैंसर के मामलों को नियंत्रित करने और लोगों को इससे बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

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