
रांची ; झारखंड की ग्राम पंचायतों में डिजिटल कामकाज को रफ्तार देने और जिला-प्रखंड कार्यालयों की व्यवस्था मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बाह्य स्रोत से 659 कंप्यूटर सहायक/ ऑपरेटर और 576 मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की सेवा लेने के लिए 6 करोड़ 8 लाख 19 हजार 900 रुपये का आवंटन किया है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सभी उप विकास आयुक्तों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। विभाग के इस कदम को राज्य की पंचायत व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात पंचायत पर एक कंप्यूटर सहायक
विभागीय प्रावधान के मुताबिक राज्य की 4,350 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 659 कंप्यूटर सहायक/ऑपरेटर की सेवा ली जाएगी। क्षेत्रीय स्तर पर प्रत्येक सात ग्राम पंचायत पर एक कंप्यूटर सहायक का प्रावधान किया गया है। जिन प्रखंडों में सात पंचायत के गुणक के बाद तीन अतिरिक्त पंचायत बचती हैं, वहां एक अतिरिक्त कंप्यूटर सहायक की सेवा ली जाएगी।
इन कर्मियों के माध्यम से पंचायतों में कंप्यूटर आधारित कार्य, ऑनलाइन प्रविष्टि, योजनाओं की रिपोर्टिंग और विभागीय डिजिटल कामकाज को गति देने का प्रयास होगा।
जिला-प्रखंड कार्यालयों में 576 एमटीएस
विभाग ने जिला और प्रखंड कार्यालयों के लिए भी 576 एमटीएस की सेवा लेने का निर्णय लिया है। जिला स्तर पर प्रत्येक जिले में दो एमटीएस के हिसाब से कुल 48 कर्मी, जबकि 264 प्रखंडों में दो-दो के हिसाब से 528 कर्मी रखे जाएंगे।
एमटीएस के तहत चालक, अनुसेवक, सफाईकर्मी, झाडूकश, केयरटेकर, जेनरेटर ऑपरेटर, रात्रि प्रहरी और आशुलिपिक-सह-टंकक जैसी सेवाएं शामिल हैं।
6.08 करोड़ रुपये से होगा खर्च
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इन सेवाओं पर होने वाला खर्च वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना मद से किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कुल 6,08,19,900 रुपये का बजटीय आवंटन जारी किया है।सरकार के इस फैसले से एक ओर जहां पंचायतों में डिजिटल कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जिला और प्रखंड कार्यालयों में जरूरी मानव संसाधन की कमी दूर करने में भी मदद मिलेगी। खास तौर पर 4,350 पंचायतों में कंप्यूटर सहायकों की उपलब्धता से ग्रामीण विकास योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

