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बिहार-झारखंड में सबसे अधिक बार खून देने वाली महिला का निधन, जानें कौन थीं ये शख्सियत

by Rakesh Pandey
बिहार-झारखंड में सबसे अधिक बार खून देने वाली महिला का निधन
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हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर : झारखंड-बिहार में सबसे अधिक बार खून देने वाली महिला गीता सिंह का निधन हो गया है। इससे जमशेदपुर सहित झारखंड व बिहार में शोक की लहर है। गीता सिंह वर्तमान में जमशेदपुर के मानगो डिमना रोड स्थित आशियाना सन सिटी में रह रही थीं। वहीं, उनका इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। गीता सिंह की उम्र 76 साल हो रही था। इस बीच उन्होंने 75 बार खून दिया था, यह एक मिसाल है। मृतक के पति एसके सिंह ने बताया कि गीता सिंह का निधन 27 अक्टूबर को हुआ। वहीं, नौ नवंबर को उनका श्राद्ध कर्म है।
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किडनी व फेफड़ में थी परेशानी
गीता सिंह की तबीयत खराब होने पर सबसे पहले उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया। वहां से तामुलिया स्थित ब्रह्मानंद नरायणा अस्पताल ले जाया गया। यहां पर स्थिति उनकी और भी गंभीर हो गई। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें कोलकाता ले जाया गया। गीता सिंह के किडनी व फेफड़े में पानी भर गया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
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गीता सिंह के पति शतकवीर रक्तदाता
गीता सिंह के पति एसके सिंह शतकवीर रक्तदाता हैं। वे अभी तक कुल 117 बार रक्तदान कर चुके हैं। नझारखंड-बिहार में अभी तक एसके सिंह व उनकी पत्नी गीता सिंह जैसी जोड़ी रक्तदान करने के मामले में नहीं देखा गयी है। इनके नाम सबसे अधिक रक्तदान करने का रिकार्ड दर्ज है। अभी तक किसी भी पति-पत्नी एक साथ मिलकर इतनी बार रक्तदान नहीं किया है। मानव सेवा के लिए इस जोड़ी की चर्चा खूब रहती थी।
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गीता सिंह को इसी साल रांची में मिला था पुरस्कार
गीता सिंह की मानव सेवा की चर्चा हर तरफ होती है। इसी साल 27 जुलाई 2023 को गीता सिंह को रांची में सबसे अधिक बार रक्तदान करने को लेकर झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण कार्यक्रम विभाग की ओर से सम्मानित किया गया था। गीता सिंह के पति सहित उनके परिवार में सभी रक्तदाता हैं।
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जमशेदपुर हर साल 62 हजार यूनिट खून होता संग्रह
खून देने में जमशेदपुर यूं ही आगे नहीं है। यहां कुल 44 शतकवीर रक्तदाता हैं। जबकि 14 ऐसी महिलाएं हैं जो 50 से अधिक बार रक्तदान कर चुकी हैं। इसमें मानगो डिमना रोड निवासी गीता सिंह 75 बार रक्तदान कर महिला समूह में अव्वल थीं। वहीं, बिरसानगर की विमला देवी ने 72 बार रक्तदान किया है। यहां हर साल करीब 62 हजार यूनिट खून संग्रह होता है, जो झारखंड-बिहार में सर्वाधिक है।
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सबसे बड़ा जमशेदपुर ब्लड बैंक
झारखंड-बिहार का सबसे बड़ा जमशेदपुर ब्लड बैंक है। यहां न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि यहां झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, बंगाल के भी रक्तदाता खून लेने के लिए आते हैं। यहां 24 घंटे खून पर्याप्त मात्रा में रहता है। बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर ब्लड बैंक (प्राइवेट) में प्रतिवर्ष करीब 54 हजार व महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज स्थित ब्लड बैंक (सरकारी) में करीब 6500 व सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में करीब 1500 यूनिट रक्त संग्रह होता है।
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शहर में 44 शतकवीर रक्तदाता
जमशेदपुर शहर में कुल 44 शतकवीर रक्तदाता हैं। वहीं, 14 महिलाएं 50 से अधिक बार रक्तदान की है। इसमें मानगो डिमना रोड निवासी गीता सिंह 75 बार रक्तदान की है। वहीं, बिरसानगर निवासी विमला देवी ने 72 बार रक्तदान की हैं।
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200 से अधिक संगठन करते हैं काम
जमशेदपुर के ब्लड बैंकों को बढ़ाने में सामाजिक संगठनों का अहम योगदान रहा है। करीब 200 से अधिक संगठन जमशेदपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित कर मदद करते हैं। जमशेदपुर ब्लड बैंक का आंकड़ा बताता है कि यहां उम्र 18 से 40 वर्ष तक के कुल 90 प्रतिशत युवा रक्तदान सबसे अधिक करते हैं।

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