Jamshedpur : आदित्यपुर में हाल ही में शुरू किए गए द सफायर प्रोजेक्ट पर विवाद का साया मंडरा रहा है। आरोप है कि द सफायर प्रोजेक्ट जिस भूमि पर शुरू हो रहा है, उसमें समय कंस्ट्रक्शन की 3.97 एकड़ भूमि भी शामिल है। इस मामले में कोर्ट में केस कर दिया गया है। पुलिस और बैंक को भी इस मामले में अवगत करा दिया गया है। मामला हाईकोर्ट में चले जाने की वजह से
आरोप है कि इस विवादित भूमि पर आदित्यपुर नगर निगम ने गलत तरीके से नक्शा भी पास कर दिया है। बताया जा रहा है कि बैंक ने भी इस जमीन पर 30 करोड़ रुपये तक का लोन दे दिया है। प्रोजेक्ट की शुरुआत के बीच इस तरह का विवाद शुरू हो जाने से अब खरीदारों के बीच भी उहापोह की स्थिति बन गई है।
जमशेदपुर में बुधवार को समय कंस्ट्रक्शन के अनूप रंजन ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी दी है। उनका कहना है कि उन्होंने आदित्यपुर के पास स्थित जमालपुर गांव में 397 एकड़ जमीन खरीदी थी। साल 2024 तक अनूप रंजन इस जमीन पर पूरी तरह काबिज थे। बाद में साल 2024 में इस भूमि पर द सफायर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हुआ।
तब से वहां बाउंसर लगा कर पूरी लगभग 14 एकड़ जमीन पर काम शुरू कर दिया गया है। इसमें अनूप रंजन की 3.97 एकड़ जमीन भी शामिल है। अनूप रंजन ने बताया कि यह जमीन उन्होंने रंजीत, विजय और अनिल कुम्हार से खरीदी है। जबकि, द सफायर बनाने वालों ने यह जमीन आठ साझेदारों से ली है। इन आठ साझेदारों का हिस्सा पांच एकड़ के आसपास ही बनता है जबकि, काम पूरी जमीन पर शुरू किया गया है। अन्य साझेदारों ने इस मामले में कोर्ट की शरण ली है।
रिटायर लोगों से ही लिया जा रहा है पैसा
आरोप है कि विवाद और कोर्ट में मैटर होने के बाद भी द सफायर की बुकिंग चालू है। ऐसे लोगों को बुकिंग के दायरे में लिया जा रहा है जो किसी कंपनी या नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। इन लोगों को एकमुश्त लंबी रकम मिल रही है। इन सबसे पैसा लिया जा रहा है। अनूप रंजन ने बताया कि अब भी पता नहीं है कि प्रोजेक्ट पूरा होगा या नहीं। फ्लैट मिलेगा या नहीं। मगर, बुकिंग का दौर चालू है।
पूरे जमीन के हैं 60 मालिक
इस पूरी जमीन के 60 मालिक हैं। इनमें से आठ ने ही द सफायर के लिए अपनी जमीन बेची है। अनूप रंजन ने बताया कि पूरी जमीन में से 397 एकड़ जमीन उनकी है। उन्होंने यह जमीन नुनिबाला दास, बेला रानी दास, बीनापानी दास और शिवानी दास की है। उनसे अनूप रंजन ने जमीन ली है। अनूप रंजन ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इन जमीन मालिकों ने बताया था कि अभी जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है। कोर्ट से बंटवारा होने के बाद ही वह यह जमीन रजिस्ट्री करेंगे। उन्होंने बंटवारे का केस दाखिल कर दिया है। इस जमीन का अनूप ने 30 अगस्त साल 2016 में एग्रीमेंट कराया था। बाद में द सफायर के मालिकों ने अन्य आठ मालिकों से साल 2016 में ही जमीन सारी जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री करा ली थी। बाद में ननिबाला दास ने कोर्ट में केस दायर कर 59 लोगों को पार्टी बनाया था।
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