धनबाद। रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। धनबाद और चंडीगढ़ के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन करीब दो महीने बाद फिर से पटरी पर लौटने जा रही है। रेलवे ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह ट्रेन 24 मई से धनबाद और 26 मई से चंडीगढ़ से संचालित होगी। मार्च 2026 से इस ट्रेन का परिचालन बंद था।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इस विशेष ट्रेन को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे झारखंड, बिहार और दिल्ली होते हुए चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
रेलवे के अनुसार 03311 धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल प्रत्येक रविवार और गुरुवार को 24 मई से 12 जुलाई तक चलेगी। ट्रेन धनबाद से रात 11:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 11 बजे दिल्ली पहुंचने के बाद सुबह 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी।
वहीं 03312 चंडीगढ़-धनबाद स्पेशल 26 मई से 14 जुलाई तक संचालित होगी। यह ट्रेन चंडीगढ़ से सुबह 5:40 बजे खुलेगी, दिन 10:15 बजे दिल्ली पहुंचेगी और अगले दिन सुबह 11 बजे धनबाद आएगी।
यह ट्रेन गोमो, गया, वाराणसी, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, हापुड़ और गाजियाबाद समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच पानीपत तथा अंबाला कैंट में भी इसका ठहराव होगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक टिकट बुकिंग जल्द शुरू की जाएगी।
इस ट्रेन के संचालन से नेताजी एक्सप्रेस के यात्रियों को भी अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। ट्रेन में चार जनरल, 10 स्लीपर, तीन थर्ड एसी, एक सेकेंड एसी और दो एसएलआरडी कोच लगाए जाएंगे।
रक्सौल-तिरुपति स्पेशल अब बनेगी नियमित एक्सप्रेस
धनबाद और आसपास के यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर है। रक्सौल और तिरुपति के बीच चल रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को अब नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। रेलवे ने ट्रेन नंबर, समय सारिणी और ठहराव स्टेशनों की सूची जारी कर दी है।
17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस तिरुपति से सोमवार सुबह 8:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन देर रात बोकारो, चंद्रपुरा और धनबाद होते हुए बुधवार शाम 5 बजे रक्सौल पहुंचेगी।
वहीं 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार तड़के 3:15 बजे चलेगी और धनबाद, बोकारो, रांची, रायपुर, सिकंदराबाद समेत कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए शनिवार सुबह 9:30 बजे तिरुपति पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्पेशल ट्रेन का टैग हटने के बाद यात्रियों को किराए में भी राहत मिलेगी। अनुमान है कि नियमित ट्रेन बनने के बाद यात्रियों को लगभग 25 प्रतिशत तक कम किराया देना पड़ेगा। इससे उत्तर बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करना और आसान हो जाएगी।

