Jamshedpur : जमशेदपुर के बिस्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में एक बार फिर सिक्योरिटी गार्ड की कार्यशैली को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीज के परिजनों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की और बाद में मामला बिस्टुपुर थाना तक पहुंच गया।
मोहम्मद असीम ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे वह अपनी मां इसरत और बीमार पिता मोहम्मद सलीम को बैक बोन दर्द के इलाज के लिए टीएमएच लेकर पहुंचे थे। असीम के अनुसार, वह अपने पिता को लेकर इमरजेंसी वार्ड के अंदर गए थे। इसी दौरान वहां तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा।
असीम का आरोप है कि उन्होंने गार्ड से कहा कि वह थोड़ी देर में बाहर चले जाएंगे, लेकिन इसी बात पर गार्ड ने अचानक धक्का दे दिया। धक्का लगने से उनकी मां जमीन पर गिर गईं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया। गिरने से महिला को चोटें आईं, जिससे परिजनों में नाराजगी बढ़ गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। टीएमएच की सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और उपस्थित लोगों से माफी मांगी। साथ ही बताया गया कि संबंधित सिक्योरिटी गार्ड को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई से नाराज लोग संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कानूनी शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया।
इसके बाद पीड़ित पक्ष बिस्टुपुर थाना पहुंचा और सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के जमशेदपुर में इस घटना को लेकर लोगों में चर्चा तेज है।

