– भाजपा के किसी नेता से मुलाकात नहीं की,यह बात कौन कह रहे हैं मुझे नहीं मालूम
– घर जाकर बैठकर आराम से सोचने के बाद किसी नतीजे पर विचार करूंगा
घाटशिला/ बहरागोड़ा : Champai Soren Meets Party workers : सरायकेला/घाटशिला : झारखंड से अचानक दिल्ली पहुंच एक पोस्ट के जरिए राजनीतिक हलचल मचा देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन तीन दिन बाद मंगलवार को दिल्ली से वापस लौट आए। कोलकाता से सीधे सड़क मार्ग से जमशदेपुर आने के क्रम में वे बहरागोड़ा में कुछ देर रुके। जहां झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। चम्पाई भी कार्यकर्ताओं से मिले।
इस दौरान दिल्ली जाने व भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली का दौरा मेरा निजी दौरा था, हमने पोस्ट करके अपने दिल का दर्द बता दिया । जो भावना है उसपर हम कायम हैं। अभी वहीं तक आप लोग रहिए। बाकी आपलोग इंतजार कीजिए। रास्ते में फोन पर पूछे जाने पर कि उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि मैं भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहा हूं। मैं दिल्ली अपनी बेटी से मिलने के लिए गया था।
मेरा पोता भी मेरे साथ था। वहां रक्षा बंधन में रूक गया था। मैंने किसी भी भाजपा के नेता से मुलाकात नहीं की। भाजपा में शामिल हाेने जैसी बात, ऐसा कौन कह रहे हैं, मुझे नहीं पता। मैं अपने निजी काम से दिल्ली गया था।
उन्होंने कहा कि झामुमो को खड़ा करने के लिए मैने काफी मेहनत की है। अब आगे क्या करना है यह अभी मैंने सोचा नहीं है। घर जाकर बैठकर आराम से सोचने के बाद ही किसी नतीजे पर विचार करूंगा। उन्होंने कहा कि आगे मुझे राजनीति में क्या करना है । यह सोचकर अपना फैसला दूंगा।
यहां बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के अचानक दिल्ली चले जाने के बाद पूरे झारखंड में चर्चाएं शुरू हो गई थी कि मंत्री चम्पाई सोरेन भाजपा में शामिल होने वाले है। इसी चर्चा के कारण कांग्रेस , भाजपा व झामुमों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई थी। तीनों पार्टी एक दूसरे को कोसने में लगे थे। हालांकि 15 अगस्त को बिरसा मुंडा स्टेडियम में एक बार भी अपने भाषण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम नहीं लेना। अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में किए गए कार्यों को जनता के बीच रखना, भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा मंत्री चम्पाई सोरेन की तारीफ करना आदि बातों को सुनकर क्षेत्र ही नहीं पूरे झारखंड में इस बात की चर्चा होने लगी थी कि मंत्री चम्पाई सोरेन भाजपा में शामिल होने वाले है। जब वे दिल्ली चले गए तो इस चर्चा को और बल मिल गया।

