राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) ने राजस्थान के विभिन्न जिलों — जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, बूंदी सहित 120 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान एजेंसी को कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, हथियार और फोटो-वीडियो मिले हैं।
2047 तक भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की योजना
एनआईए की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि PFI द्वारा युवाओं को 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए ब्रेनवॉश किया जा रहा था। इसके लिए उन्हें जान देने तक के लिए तैयार किया जाता था। इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश का संचालन किया जा रहा था।
जकात के नाम पर एकत्र किया गया फंड
जांच में सामने आया है कि PFI ने जकात (धार्मिक दान) के नाम पर मासूम मुसलमानों से करोड़ों रुपये जुटाए। जयपुर के पंजाब नेशनल बैंक में खोले गए खाते में 2011 से 2022 के बीच लगभग 2.98 करोड़ रुपये जमा हुए, जिनमें से 2.96 करोड़ रुपये निकाले गए। इस फंड का उपयोग हथियारों की खरीद, ट्रेनिंग कैंप चलाने और संगठन के उद्देश्य पूरे करने में किया गया।
ब्रेनवॉश कर युवाओं को बनाया गया उग्रवादी
PFI के शिविरों में मुस्लिम लड़के-लड़कियों को गुजरात दंगों और मॉब लिंचिंग के वीडियो दिखाकर मानसिक रूप से तैयार किया जाता था। इसके बाद उन्हें आतंकी प्रशिक्षण दिया जाता था, जिसमें आत्मरक्षा, चाकू चलाना, मार्शल आर्ट और हथियारों का उपयोग सिखाया जाता था।
‘एडवांस्ड ऐक्स’ नामक आतंकी प्रशिक्षण कार्यक्रम
चार्जशीट के अनुसार, प्रशिक्षण दो चरणों में होता था — बेसिक और एडवांस्ड। बेसिक चरण में बॉक्सिंग, एयरगन शूटिंग, मार्शल आर्ट सिखाया जाता था, जबकि ‘एडवांस्ड ऐक्स-II’ में तलवार, चाकू जैसे हथियारों से शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर हमला करने की तकनीकें सिखाई जाती थीं।
एनजीओ और फिटनेस प्रोग्राम की आड़ में चल रहा था प्रशिक्षण
PFI के आरोपी मोहम्मद आसिफ के मोबाइल से एक फाइल “tilecache.l_mbedded_469” बरामद हुई, जिसमें लिखा था कि ‘फिजिकल फिटनेस प्रोग्राम (PFP)’ के तहत एनजीओ युवाओं को योग, मार्शल आर्ट व अन्य गतिविधियों में शामिल करेंगे। लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ना था।
SDPI से भी समर्थन मिलने के संकेत
जांच में यह भी सामने आया है कि PFI को राजनीतिक स्तर पर ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI)’ से समर्थन प्राप्त था, ताकि भारत में इस्लामी शासन की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा सके।
डिजिटल सबूत और हथियार बरामद
छापेमारी में एजेंसी को कई मोबाइल, लैपटॉप, एयरगन, चाकू, कुल्हाड़ी, और संदिग्ध डिजिटल सामग्री मिली है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए नई दिल्ली और तिरुवनंतपुरम भेजा गया है।
PFI के खिलाफ एनआईए की यह कार्रवाई देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़े खतरे को उजागर करती है। संगठन की गतिविधियां केवल सामाजिक या धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसके माध्यम से एक दीर्घकालिक और खतरनाक योजना चलाई जा रही थी।

