जमशेदपुर : राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा वाहन मालिकों के फास्टैग खातों से गलत तरीके से टोल टैक्स की कटौती का मामला तूल पकड़ रहा है। द फोटान न्यूज अखबार में इस संबंध में खबर छपने के बाद एनएचएआई ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि इस तरह की फर्जी कटौती के लिए कौन जिम्मेदार है। अभी जांच शुरू ही हुई है। जांच शुरू होते ही एक फास्टैग खाते में 25 रुपये की रकम वापस कर दी गई है। लेकिन, खास बात यह है कि यह रकम एनएचएआई के किसी बैंक अकाउंट से नहीं भेजी गई। बल्कि, किसी शुभंकर बेरा के निजी पेटीएम खाते से भेजी गई है। इससे लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर एनएचएआई ने अपने अकाउंट से यह रकम क्यों नहीं भेजी।
निजी व्यक्ति के खाते से पैसे की वापसी से सवाल
इसके बाद एनएचएआई ने यह रकम भेज तो दी है। मगर, किसी शुभंकर बेरा नामक व्यक्ति के निजी पेटीएम खाते से कल्पना कुमारी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गई है। इस ट्रांसफर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि अगर पैसे वापस किए जा रहे हैं तो इसे एनएचएआई के ही अकाउंट से भेजा जाना चाहिए। आशंका जताई जा रही है कि कहीं कोई बड़ा रैकेट तो काम नहीं कर रहा है जो लोगों के फास्टैग खातों से रकम उड़ा रहा हो और जब मामले की शिकायत एनएचएआई से की जाती है तो वह पैसे वापस कर रहा है। एनएचएआई की प्रोजेक्ट डाइरेक्टर एकता कुमारी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है कि यह कटौती कैसे हुई। यह भी दिखवा लिया जाएगा कि पैसे किस प्रक्रिया के तहत वापस किए जा रहे हैं और इन्हें कौन वापस कर रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

